शहीद ASP की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति: स्नेहा गिरिपुंजे बनीं DSP
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सली ऑपरेशन के दौरान शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आकाश राव गिरिपुंजे की पत्नी स्नेहा गिरिपुंजे को अनुकंपा नियुक्ति के तहत राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर नियुक्त किया गया है. नक्सल प्रभावित सुकमा के कोंटा में 9 जून को माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में एएसपी आकाश शहीद हो गए थे, जबकि दो अन्य अधिकारी घायल हो गए थे.
राज्य मंत्रिमंडल के आदेश के बाद गृह विभाग ने 17 अक्टूबर को स्नेहा गिरिपुंजे की पोस्टिंग का आदेश जारी कर दिया है. उनकी पहली पोस्टिंग रायपुर स्थित चंद्रखुरी पुलिस अकादमी में होगी.
विशेष मामला मानते हुए नियम शिथिल
9 सितंबर को मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुपालन में, राज्य सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को शिथिल करते हुए इसे एक विशेष मामला माना है. इसके तहत, स्नेहा को दो साल की परिवीक्षा अवधि (Probaion Period) के साथ पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, चंद्रखुरी में पदस्थ किया गया है.
प्रशिक्षण और परीक्षा अनिवार्य
नियुक्ति आदेश में कुछ शर्तें भी रखी गई हैं. परिवीक्षा अवधि के दौरान स्नेहा के लिए निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करना और परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा. यदि कोई अधिकारी पहले प्रयास में परीक्षा में अनुत्तीर्ण होता है, तो उसे अगले प्रशिक्षण में शामिल होना और परीक्षा पास करना आवश्यक होगा. परिवीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा पास न करने पर सेवा समाप्त कर दी जाएगी.
अधिकारी की परिवीक्षा अवधि, सेवा की पुष्टि, वरिष्ठता और पदोन्नति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1961 और छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यकारी सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2005 के अधीन होगी.
अन्य महत्वपूर्ण शर्तें
स्नेहा को एक महीने के भीतर अपनी चिकित्सा और चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की शर्त पर नियुक्ति दी जाएगी. प्रमाण पत्रों में किसी भी प्रकार की विरोधाभासी जानकारी पाए जाने पर उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं.
यदि उनके द्वारा दी गई कोई भी जानकारी झूठी पाई जाती है, तो उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत कार्रवाई की जा सकती है.
अंशदायी पेंशन समेत अन्य सेवा नियम उन पर लागू होंगे.
इसके अतिरिक्त, उन्हें जॉइनिंग से पहले एक बॉन्ड भी जमा करना होगा, जिसमें यह उल्लेख होगा कि यदि परिवीक्षा अवधि के भीतर प्रशिक्षण पूरा नहीं किया जाता है, तो उन्हें सरकार के सभी खर्चों, जिसमें वेतन, भत्ते और यात्रा व्यय शामिल हैं, की प्रतिपूर्ति करनी होगी.