बच्चों की मौत से जुड़े 'कोल्डरिफ' सिरप पर WHO ने मांगी जानकारी
नई दिल्ली । डेस्क: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 'कोल्डरिफ' कफ सिरप के निर्यात के संबंध में बुधवार को भारतीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है. यह सिरप भारत में बच्चों की मौत से जुड़ा हुआ है.
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि भारतीय अधिकारियों से आधिकारिक पुष्टि मिलने के बाद वह 'कोल्डरिफ' सिरप पर ग्लोबल मेडिकल प्रोडक्ट्स अलर्ट जारी करने की आवश्यकता का आकलन करेगा.
इस सिरप को लेकर तब हड़कंप मचा जब मध्य प्रदेश में इसके सेवन से कम से कम 16 बच्चों की मौत हो गई.
तमिलनाडु की लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि 'कोल्डरिफ' में 48.6% डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) मिला है, जो एक जहरीला औद्योगिक विलायक है. कफ सिरप में डीईजी की अनुमेय सीमा 0.1% है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि सिरप के तमिलनाडु विनिर्माण इकाई से लिए गए नमूनों में डीईजी पाया गया था.
बच्चों की मौत के बाद, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु सहित कई भारतीय राज्यों ने 'कोल्डरिफ' कफ सिरप के वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है.
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि सिरप बनाने वाली कंपनी स्रेसन फार्मा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है, और जिस डॉक्टर ने सिरप लिखने का पर्चा दिया था, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
दवा निर्माता पर गैर इरादतन हत्या, दवाओं में मिलावट, और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के उल्लंघन के तहत आपराधिक आरोप लगाए गए हैं. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कंपनी का विनिर्माण लाइसेंस रद्द करने की भी सिफारिश की है.
कफ सिरप से बच्चों की मौत की हालिया घटनाओं ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को एक एडवाइजरी जारी करने के लिए प्रेरित किया है, जिसमें बच्चों के लिए कफ सिरप के तर्कसंगत उपयोग का आग्रह किया गया है. मंत्रालय ने 'विवेकपूर्ण प्रिस्क्राइबिंग और वितरण' की सलाह दी है, क्योंकि बच्चों की अधिकांश खांसी बिना दवा के ही ठीक हो जाती है.