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मंगल ग्रह पर घड़ी पृथ्वी से तेज चलती है

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14 दिस. 2025, 08:20 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

मंगल ग्रह-आइंसटीन
मंगल ग्रह-आइंसटीन

नई दिल्ली । डेस्क: वैज्ञानिकों ने एक नई रिसर्च में साबित किया है कि मंगल ग्रह पर घड़ी पृथ्वी की तुलना में थोड़ी तेज चलती है. आइंस्टीन के प्रसिद्ध सापेक्षता सिद्धांत के मुताबिक, जहां गुरुत्वाकर्षण कम होता है, वहां समय तेज गुजरता है. इस रिसर्च से पता चला है कि 24 घंटे में मंगल की घड़ी पृथ्वी से औसतन 477 माइक्रोसेकंड (या 0.477 मिलीसेकंड) आगे निकल जाती है.


यह खोज अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टैंडर्ड्स एंड टेक्नोलॉजी (एनआईएसटी) के दो वैज्ञानिकों, नील एशबी और विजुनाथ पटेला ने की है. उन्होंने पृथ्वी और मंगल के गुरुत्वाकर्षण और कक्षा की गति का अध्ययन किया. मंगल पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के मुकाबले सिर्फ एक-पांचवां हिस्सा है, इसलिए वहां समय तेज बहता है. हालांकि, मंगल सूर्य के चारों ओर पृथ्वी से धीमी गति से घूमता है, जो समय को थोड़ा धीमा कर सकता है, लेकिन कम गुरुत्वाकर्षण का असर ज्यादा पड़ता है.


वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगल की कक्षा अंडाकार होने से साल के अलग-अलग समय पर घड़ी की स्पीड में थोड़ा उतार-चढ़ाव हो सकता है. पहले 2024 की एक रिसर्च में चंद्रमा पर भी ऐसा ही देखा गया था, जहां 24 घंटे में घड़ी 56 माइक्रोसेकंड तेज चलती है.


यह खोज भविष्य के लिए बहुत काम की है. आने वाले दशकों में मंगल पर इंसानों की आवाजाही बढ़ेगी. अगर हर ग्रह के लिए अलग समयमान (टाइम जोन) बनाया जाए, तो पृथ्वी से संपर्क आसान हो जाएगा. खासकर सौरमंडल में इंटरनेट सर्विस चलाने में यह मदद करेगा. विजुनाथ पटेला ने कहा, "यह रिसर्च भविष्य की कई स्टडीज की बुनियाद बनेगी. मंगल पर इंटरनेट जैसी सुविधाएं इसी पर टिकी हैं."


आइंस्टीन का सिद्धांत याद दिलाता है कि समय कहीं भी एक जैसा नहीं चलता. जहां गुरुत्वाकर्षण ज्यादा होता है, जैसे समुद्र किनारे, वहां घड़ी धीमी चलती है. पहाड़ों पर या कम गुरुत्वाकर्षण वाले जगहों पर, जैसे मंगल पर, यह तेज हो जाती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज स्पेस मिशन्स को और मजबूत बनाएगी. (Symbolic Photo)

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP