चीन में AI के 60 करोड़ से अधिक यूजर्स, सबसे ज्यादा पेटेंट भी
बीजिंग । डेस्क: चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ते हुए एक विस्फोटक विकास के चरण में प्रवेश कर चुकी है. हालिया आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 के अंत तक चीन का मुख्य एआई उद्योग 1.2 ट्रिलियन युआन (लगभग 174.3 बिलियन डॉलर) के मूल्य को पार कर गया है.
'डीपसीक' (DeepSeek) और 'सीडेंस' (Seedance) जैसी तकनीकों की लोकप्रियता के साथ-साथ ह्युमनॉइड रोबोटिक्स और स्मार्ट सिटी इकोसिस्टम में हुई प्रगति ने चीन को इस क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है.
विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा 2025 में जारी आंकड़ों से पता चलता है कि चीन अब दुनिया में एआई पेटेंट का सबसे बड़ा धारक बन गया है, जिसकी वैश्विक हिस्सेदारी 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
तकनीकी बुनियादी ढांचे के मामले में भी देश ने लंबी छलांग लगाई है, जहां इसकी इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग क्षमता 1,590 EFLOPS से अधिक हो गई है. वर्तमान में चीन 6,000 से अधिक एआई उद्यमों का घर है, जो घरेलू स्तर पर विकसित बड़े मॉडल और एआई चिप्स के माध्यम से वैश्विक ओपन-सोर्स इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.
एआई का प्रभाव केवल औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के दैनिक जीवन का भी अभिन्न हिस्सा बन चुका है.
रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 तक चीन में जनरेटिव एआई का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या 602 मिलियन तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 141.7 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाती है.
42.8 प्रतिशत की पैठ दर के साथ, एआई अब शिक्षा, कार्य और मनोरंजन के अनुभवों को समृद्ध कर रहा है. 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-2025) के दौरान, एआई ने चीन की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख इंजन के रूप में कार्य किया है, जो आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बीच देश की स्थिति को और मजबूत करेगा.