चीन की अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी रहेगी नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने माना
बीजिंग । डेस्क: बीजिंग में आयोजित नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) के उद्घाटन सत्र के साथ ही चीन ने अगले पांच वर्षों के लिए अपना आर्थिक और राजनीतिक खाका पेश कर दिया है. आधिकारिक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने वर्ष 2026 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का लक्ष्य 4.5 से 5 प्रतिशत के बीच रखा है. यह पिछले लक्ष्य 'लगभग 5 प्रतिशत' की तुलना में थोड़ा कम है, जो इस बात का संकेत है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अब धीमी लेकिन स्थिर विकास की राह पर है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट चीन के रियल एस्टेट क्षेत्र में आए संकट का परिणाम है, जो कभी देश की जीडीपी में 25 से 30 प्रतिशत का योगदान देता था. हालांकि, अर्थशास्त्रियों का कहना है कि बीजिंग अब केवल आंकड़ों के पीछे भागने के बजाय विकास की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.
प्रीमियर ली कियांग द्वारा प्रस्तुत कार्य रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि चीन अब विनिर्माण और निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था से हटकर घरेलू खपत और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित मॉडल की ओर बढ़ रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष चीन की अर्थव्यवस्था 5 प्रतिशत की दर से बढ़कर 140.19 ट्रिलियन युआन (लगभग 20.28 ट्रिलियन डॉलर) तक पहुंच गई है. भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए चीन ने लगभग 30 ट्रिलियन युआन के सार्वजनिक व्यय का लक्ष्य रखा है.
साथ ही, एकीकृत सर्किट, विमानन, बायोमेडिसिन और 'लो-एल्टीट्यूड इकोनॉमी' जैसे उन्नत उद्योगों को सरकारी सहायता जारी रखने का संकल्प लिया गया है. इस दौरान रक्षा बजट में भी 7 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया है, जो क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में काफी अधिक है.
चीन इस समय कई आंतरिक और बाहरी चुनौतियों से जूझ रहा है. घरेलू स्तर पर अपस्फीति (डिफ्लेशन), कमजोर उपभोक्ता विश्वास और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी चिंता का विषय बनी हुई है. वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका के साथ जारी व्यापार युद्ध और टैरिफ से उत्पन्न बाधाएं भी एक बड़ी चुनौती हैं.
इन मुद्दों के बीच, चीन ने अपनी गिरती जन्मदर और तेजी से बूढ़ी होती आबादी की समस्या को स्वीकार किया है. रिपोर्ट में चीन को एक 'बच्चे के जन्म के अनुकूल समाज' बनाने और बुजुर्गों के लिए सेवाओं के विस्तार की बात कही गई है. इसके अलावा, पर्यावरण के मोर्चे पर चीन ने 2030 तक कार्बन उत्सर्जन के शिखर पर पहुंचने और धीरे-धीरे नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ने का लक्ष्य दोहराया है.
बीजिंग में चल रहे इस वार्षिक आयोजन को 'दो सत्र' के रूप में जाना जाता है, जिसमें नेशनल पीपुल्स कांग्रेस और चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस शामिल हैं. इस पूरे सप्ताह की सबसे महत्वपूर्ण घटना चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) की घोषणा होगी.
इस योजना का दीर्घकालिक लक्ष्य 2035 तक प्रति व्यक्ति जीडीपी को दोगुना करना है, ताकि चीन एक 'मध्यम रूप से विकसित' अर्थव्यवस्था बन सके. कुल मिलाकर, चीन का नया रोडमैप आत्मनिर्भरता, तकनीकी नवाचार और संतुलित सामाजिक विकास की ओर एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है.