मरवाही में रुकवाया गया बाल विवाह, दूल्हा-दुल्हन को दी गई समझाइश
पेन्ड्रा । डेस्क: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई सामने आई है. मरवाही ब्लॉक के ग्राम चचेड़ी में होने जा रहे एक विवाह को प्रशासनिक टीम ने ऐन वक्त पर पहुंचकर रोक दिया. घटना 17 फरवरी की है, जब चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना मिली कि क्षेत्र में एक नाबालिग जोड़े का विवाह संपन्न कराया जा रहा है.
सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिंहा के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित कर गांव भेजी गई.
जिला बाल संरक्षण अधिकारी बीरेंद्र कुमार कुर्रे के मार्गदर्शन में जब पुलिस और महिला-बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तो वहां विवाह की तैयारियां चल रही थीं. टीम ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए युवक और युवती के आयु संबंधी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की.
सत्यापन के दौरान पाया गया कि युवती की उम्र मात्र 17 वर्ष 1 माह थी, जबकि युवक की आयु 19 वर्ष 9 माह के करीब थी. 'बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006' के मानकों के अनुसार दोनों ही विवाह के लिए कानूनी तौर पर अपरिपक्व पाए गए.
प्रशासनिक अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही दोनों परिवारों और उपस्थित रिश्तेदारों को बाल विवाह के कानूनी परिणामों और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया. काउंसलिंग के बाद परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार की और नाबालिगों की आयु पूरी होने तक विवाह न करने का लिखित संकल्प लिया.
इस सफल कार्रवाई में पंचायत सचिव और स्थानीय पुलिस बल का भी विशेष सहयोग रहा, जिससे एक और सामाजिक बुराई को समय रहते रोका जा सका.