छत्तीसगढ़ को मिला ‘बेस्ट सेरीकल्चर स्टेट’ का राष्ट्रीय पुरस्कार
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ ने रेशम उत्पादन के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए भारत सरकार के केंद्रीय रेशम बोर्ड द्वारा ‘बेस्ट सेरीकल्चर स्टेट’ का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया है. यह पुरस्कार 20 सितंबर को बेंगलूरु में बोर्ड के 76वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह में सांसद एवं बोर्ड सदस्य के. सुधाकर द्वारा प्रदान किया गया. पुरस्कार उप संचालक रेशम मनीष पवार ने ग्रहण किया.
छत्तीसगढ़ में रेशम उत्पादन, विशेष रूप से दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में, रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम बन चुका है. वर्तमान में लगभग 78 हजार ग्रामीण महिलाएं और पुरुष रेशम विभाग की विभिन्न गतिविधियों से जुड़कर स्व-रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है.
राज्य सरकार द्वारा टसर कीट पालन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर पौधारोपण और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. “मेरा रेशम मेरा अभिमान” कार्यक्रम के तहत वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण दिया और उनके प्रश्नों के सरल समाधान प्रस्तुत किए.
इस अवसर पर रायगढ़ जिले को “उत्कृष्ट जिला” पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि ग्राम आमाघाट, तमनार, रायगढ़ के ललित गुप्ता को “उत्कृष्ट कृषक” पुरस्कार प्रदान किया गया. ललित गुप्ता लंबे समय से टसर कृमिपालन में सक्रिय हैं और अपने क्षेत्र में प्रेरणास्रोत बने हुए हैं.
भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रयासों की सराहना से यह स्पष्ट है कि राज्य न केवल स्व-रोजगार के अवसर बढ़ा रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.