छत्तीसगढ़ में रेयर मिनरल्स की खोज: विकास की नई राह
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में रेयर और महत्वपूर्ण खनिजों की खोज ने राज्य के विकास के लिए एक नया अध्याय शुरू किया है. राज्य के खनिज संसाधन विभाग के सचिव पी. दयानंद ने गुरुवार को यह बात कही. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में मौजूद विभिन्न खनिजों की खोज को व्यवस्थित और निरंतर तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए.
दयानंद ने छत्तीसगढ़ के भूवैज्ञानिक कार्यक्रम बोर्ड की बैठक में कहा, "खनिज किसी भी राज्य और देश के सर्वांगीण विकास की रीढ़ हैं. छत्तीसगढ़ में रणनीतिक और महत्वपूर्ण खनिजों की खोज विकास की नई संभावनाओं को खोल रही है. खनिज अन्वेषण में लगी एजेंसियों को डेटा साझा करना चाहिए और आपसी समन्वय स्थापित करना चाहिए."
अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ को इस वर्ष 15,000 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है.
छत्तीसगढ़ भूविज्ञान और खनन निदेशक रजत बंसल ने बताया, "वर्ष 2024-25 में लगभग 2500 मिलियन टन चूना पत्थर और 93 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार का अनुमान लगाया गया है. वर्ष 2025-26 के लिए अन्वेषण परियोजनाओं में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों को शामिल किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत मिशन को सशक्त करेंगे."
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार वैज्ञानिक और विस्तृत खनिज अन्वेषण और विकास के लिए पूर्ण समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है.
एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय खान मंत्रालय ने राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (एनएमईटी) के तहत वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ में चूना पत्थर के लिए एक और बॉक्साइट के लिए एक अन्वेषण परियोजना को मंजूरी दी है. इसके अलावा, लिथियम, निओबियम, टैंटलम, टाइटेनियम रेयर अर्थ मेटल्स और लौह अयस्क के लिए दो अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है.
भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ऑफ इंडिया के उप महानिदेशक अमित धारवाडकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बॉक्साइट, सोना, ग्लॉकोनाइट, लिथियम, टाइटेनियम रेयर अर्थ मेटल्स, फॉस्फोराइट, फ्लोराइट, सीसा और जस्ता जैसे खनिजों के लिए सर्वेक्षण कार्य किया गया है.