कोटा रेलवे क्रॉसिंग बंद करने का प्रस्ताव: जनता में आक्रोश
रायपुर । संवाददाता: रायपुर वेस्ट के विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत ने कोटा रेलवे क्रॉसिंग को बंद करने के रेलवे के प्रस्ताव पर कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने रायपुर के डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) से मुलाकात कर मांग की कि क्रॉसिंग बंद करने से पहले जनता और छात्रों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग या अंडरपास बनाया जाए.
राजेश मूणत ने कहा कि इस क्रॉसिंग का उपयोग रोज़ाना 10,000 से 15,000 लोग, विशेष रूप से NIT रायपुर, साइंस कॉलेज, आयुर्वेदिक कॉलेज और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र करते हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि रेलवे इस स्थान पर तकनीकी रूप से संभव अंडरब्रिज या ओवरब्रिज बना सकता है, जैसा कि रामनगर में सीमित स्थान होने के बावजूद सफलतापूर्वक किया गया था.
स्थानीय निवासियों, छात्रों और व्यापारियों में इस प्रस्ताव को लेकर भारी चिंता है. उनका कहना है कि क्रॉसिंग बंद होने से दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियाँ बुरी तरह प्रभावित होंगी. व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि आपूर्ति मार्ग और ग्राहकों की आवाजाही बाधित होने से उन्हें भारी नुकसान होगा.
कोटा से जीई रोड को जोड़ने वाली सड़क का इतिहास भी जनसंघर्ष से जुड़ा है. 1990 के दशक में तत्कालीन पार्षद स्वर्गीय किशोर साहू ने इसके निर्माण के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी थी, जब निवासियों को मुख्य सड़क तक पहुँचने के लिए NIT कैंपस से होकर गुजरना पड़ता था.
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रवक्ता एडवोकेट भगवानु नायक, जो स्वयं इस मार्ग का उपयोग करते थे, ने रेलवे और जिला प्रशासन से आग्रह किया कि क्रॉसिंग को बंद करने से पहले एक उचित अंडरपास का निर्माण किया जाए. उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की ताकि जनता को असुविधा न हो.
रायपुर DRM दयानंद ने कहा कि, "हम एक सप्ताह से दस दिन के भीतर कोटा रेलवे क्रॉसिंग पर तकनीकी सर्वे करेंगे. 600-700 मीटर की दूरी पर पहले से ही एक रेल अंडरब्रिज (RUB) होने और दोनों तरफ घनी आबादी के कारण नया अंडरपास या ओवरब्रिज बनाना संभव नहीं हो सकता. फिर भी, हम दोपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करेंगे. यह सब सर्वे के नतीजों पर निर्भर करेगा."
उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे की योजना के तहत 2027 तक शहर की सीमा के भीतर लगभग सभी क्रॉसिंग बंद कर दी जाएँगी, और कोटा क्रॉसिंग का प्रस्ताव भी इसी योजना का हिस्सा है.
मुनत ने DRM को सूचित किया कि रामनगर में राज्य सरकार के फंड से एक रेल अंडरब्रिज बनाया गया था. उन्होंने कहा कि अगर रेलवे नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करता है, तो राज्य सरकार अपने बजट से इस प्रोजेक्ट को जल्दी लागू कर सकती है.