रायगढ़ में अवैध खनिज उत्खनन मामले में 27 वाहन जब्त
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. खनिज विभाग द्वारा चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान बीते एक सप्ताह में कुल 27 वाहनों को जब्त किया गया है. विभाग की इस औचक कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.
खनिज विभाग से प्राप्त विवरण के अनुसार, पकड़े गए वाहनों में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 20 ट्रैक्टर और 2 हाईवा शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, मिट्टी-मुरूम के 3 ट्रैक्टर और चूना पत्थर का अवैध परिवहन करते हुए 2 हाईवा को भी टीम ने पकड़ा है.
इन सभी वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से कलेक्ट्रेट परिसर सहित कोतरा रोड, भूपदेवपुर, पूंजीपथरा और पुसौर थानों में खड़ा किया गया है.
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित परिवहनकर्ताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए सतत निगरानी जारी रहेगी और उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 भारत में खनन क्षेत्र को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक केंद्रीय कानून है, जो खदानों के प्रबंधन और खनिजों के विकास के लिए रूपरेखा तैयार करता है. यह अधिनियम केंद्र सरकार को खनिज संसाधनों के संरक्षण और व्यवस्थित निष्कर्षण के लिए नियम बनाने की शक्ति देता है, जिसमें खनन पट्टे और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शामिल है.
इसकी धारा 21 अवैध खनन के लिए कड़े दंड का प्रावधान करती है, जिसके तहत दोषी को 5 साल तक की जेल या 5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं. वहीं, धारा 23(क) राज्य सरकारों को अवैध खनन और परिवहन से संबंधित अपराधों को 'शमन' करने यानी जुर्माना लेकर मामला निपटाने का अधिकार देती है. यह कानून सुनिश्चित करता है कि देश के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन पर्यावरण और जनहित को ध्यान में रखकर किया जाए.
वहीं, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से 'गौण खनिजों' (जैसे रेत, मुरूम, गिट्टी, चूना पत्थर आदि) के उत्खनन और परिवहन को विनियमित करने के लिए बनाए गए हैं. इन नियमों के तहत खदानों की नीलामी, पट्टा आवंटन और रॉयल्टी निर्धारण की प्रक्रिया तय की गई है.
इस नियमावली का नियम 71 अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए बनाया गया है, जो अधिकारियों को अवैध गतिविधियों में शामिल वाहनों और औजारों को जब्त करने तथा जुर्माना लगाने की शक्ति प्रदान करता है. वर्ष 2020 में हुए संशोधनों के बाद, इन नियमों को और सख्त बनाया गया है ताकि राज्य के राजस्व की चोरी रोकी जा सके और अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके.