छत्तीसगढ़: पॉम ऑयल की खेती लाभदायक
रायपुर । संवाददाता: राज्य सरकार ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पॉम ऑयल की खेती किसानों के लिये समृद्धि के द्वार खोल सकती है. ऑयल पॉम की खेती से वार्षिक उत्पादन प्रति एकड़ 10 से 12 टन उत्पादन होता है एवं न्यूनतम मजदूर की आवश्यकता होती है.
गौरतलब है कि ऑयल पॉम पौधे में बीमारी होने की संभावना कम होती है अतः दवाई पर होने वाले खर्च कम है दलालों से छुटकारा मिलता है इसे अनुबंधित कंपनी द्वारा क्रय किया जायेगा. ऑयल पॉम की खेती किसी भी प्रकार की भूमि पर किया जा सकता है जो पूर्णतः सिंचित हो.
ऑयल पॉम की खेती हेतु अनुमानित लागत प्रति हेक्टेयर पहले 4 वर्षों में 25000 से 30000 रु. प्रति वर्ष के भूमि की तैयारी, पौधरोपण, सिंचाई खाद इत्यादि आता है. 4 से 6 वर्ष में प्रति हेक्टेयर खरीदी मूल्य रू. 18351 प्रति टन के आधार पर राशि 70,000 से.2,70,000 तक अनुमानित आय प्राप्त होता है.
इसका उपयोग खाद्य तेल के साथ-साथ कास्मेटिक्स एवं अन्य उत्पादों में किया जाता है. इसके अतिरिक्त फसल उत्पादन खरीदी हेतु संग्रहण केन्द्र की सुविधा भी शासन द्वारा दी जा रही है.
प्रति हेक्टेयर 143 आयल पाम पौधे अनुदान राशि 29000 रूपये, प्रथम वर्ष से चतुर्थ तक पौधों के रखरखाव, थाला बनाने उर्वरक एवं खाद इत्यादि हेतु अधिकतम रू 5250 प्रति हेक्टेयर के अतिरिक्त अधिकतम राशि 2625 प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि टॉप-अप के रूप में राज्यद्वारा प्रदान किया जायेगा.
प्रथम वर्ष से चतुर्थ वर्ष तक ऑयल पॉम के पौधों के बीच अंतरवर्ती फसल लेने हेतु प्रति हेक्टेयर अधिकतम राशि 22375 का अनुदान, न्यूनतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पॉम फसल की खेती करने वाले कृष्क को सिंचाई साधन के 1 बोरवेल हेतु राशि रु. 50000 अतिरिक्त प्रति हेक्टेयर अधिकतम राशि रू.25000 प्रति यूनिट का अनुदान प्रदान किया जायेगा.