ननों की गिरफ्तारी: केरल भाजपा नेता डिप्टी सीएम से मिले
रायपुर । संवादाता: केरल भाजपा महासचिव अनूप एंटनी ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की. शर्मा के पास गृह मंत्रालय का प्रभार भी है. अनूप एंटनी ने मुलाकात के बाद कहा कि उनकी डिप्टी सीएम शर्मा के साथ सकारात्मक बातचीत हुई.
उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट रूप से समझना चाहिये कि छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन विरोधी कानून बहुत सख्त है, जो कांग्रेस शासन के दौरान लागू हुआ था. इस घटना के बारे में बहुत सारी गलत जानकारी फैलाई जा रही है. लोगों को छत्तीसगढ़ की सही स्थिति को समझने की कोशिश करनी चाहिये. यह समझना जरूरी है कि आदिवासी क्षेत्रों में नक्सलियों का प्रभाव बहुत मजबूत है और कुछ जगहों पर तो भूमि रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं हैं.”
एंटनी ने आगे बताया कि शर्मा ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. उन्होंने कानूनी सलाह मांगी है और कानून अपना काम करेगा. उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया, वह एफआईआर पर आधारित था. इस मामले में विस्तृत जांच होगी.”
एंटनी ने यह भी बताया कि गिरफ्तार तीन महिलायें उस क्षेत्र से हैं जहां नक्सलियों का प्रभाव है और जहां भूमि रिकॉर्ड का अभाव है.
गिरफ्तार ननों, प्रीति मैरी और वंदना फ्रांसिस, अलप्पुझा जिले में सायरो-मलाबार चर्च के तहत अस्सीसी सिस्टर्स ऑफ मैरी इमैकुलेट से जुड़ी हैं और आगरा के एक अस्पताल में काम कर रही थीं. शनिवार को, दोनों नन और एक व्यक्ति, सुखमन मंडावी, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की तीन महिलाओं को आगरा ले जा रहे थे, जहां उन्हें एक कॉन्वेंट में रसोई सहायक के रूप में नौकरी की पेशकश की गई थी.
छत्तीसगढ़ रेलवे स्टेशन पर इंतजार के दौरान, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोका और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. दोनों ननों और सुखमन मंडावी को हिरासत में लिया गया और बाद में स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
यह मुद्दा केरल में जल्द ही चर्चा का विषय बन गया. मंगलवार को, केरल के तीन लोकसभा सांसदों बेनी बेहनन, एन.के. प्रेमचंद्रन और फ्रांसिस जॉर्ज की एक टीम छत्तीसगढ़ पहुंची.
बेनी बेहनन ने कहा, “हम उस जेल जा रहे हैं जहां ननों को रखा गया है. हम अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे ताकि पूरी जानकारी मिल सके.”
एन.के. प्रेमचंद्रन ने कहा कि यह सब राज्य प्रशासन की जानकारी में हुआ है, जबकि फ्रांसिस जॉर्ज ने कहा कि मानव तस्करी और धर्म परिवर्तन के निराधार आरोप फैलाये जा रहे हैं.
रायपुर डायोसीस से जुड़े फादर साबू जोसेफ ने कहा, “प्राधिकरणों को पता लगाने दें कि ये बहनें वहां क्या कर रही थीं. ननों के काम को जानने वाला कोई भी व्यक्ति समझ सकता है कि उन्होंने क्या किया और क्या कर रही हैं.” इस बीच, चर्च के नेताओं ने गिरफ्तार ननों के लिये जमानत याचिका दायर करने की योजना बनाई है.