छत्तीसगढ़ में नन की गिरफ्तारी, केरल भाजपा संकट में
नई दिल्ली । डेस्क: छत्तीसगढ़ में दो केरल मूल की नन की गिरफ्तारी ने केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिये मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. पार्टी ने हाल के वर्षों में राज्य के ईसाई समुदाय को आकर्षित करने के लिये कई रणनीतियाँ अपनाई थीं, लेकिन इस घटना ने इन प्रयासों को बड़ा झटका दिया है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस गिरफ्तारी ने चर्च और भाजपा के बीच बनी विश्वास की कड़ी को कमजोर कर दिया है.
भाजपा की केरल इकाई ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तुरंत कदम उठाये हैं. सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने राज्य महासचिव अनूप एंटनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ भेजा है, जिसे नन के खिलाफ दर्ज आरोपों को हटाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
हालांकि, एक भाजपा नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह घटना ईसाई समुदाय के नेताओं, विशेष रूप से हाल ही में पार्टी में शामिल हुये नेताओं को नाराज कर चुकी है. उन्होंने कहा, "नन को गिरफ्तार कर जेल भेजना ऐसा मुद्दा है जो ईसाई समुदाय को गहरे तक प्रभावित करता है. इस पुलिस कार्रवाई का बचाव करना हमारे लिये आसान नहीं है."
गौरतलब है कि 25 जुलाई को छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर नन प्रीति मेरी, वंदना फ्रांसिस और एक अन्य व्यक्ति सुकमन मंडावी को गिरफ्तार किया गया था. यह कार्रवाई एक स्थानीय बजरंग दल कार्यकर्ता की शिकायत पर हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि नन ने नारायणपुर की तीन लड़कियों को जबरन धर्मांतरण और तस्करी के लिए प्रेरित किया.
इस घटना ने केरल में भाजपा के राजनीतिक विरोधियों, कांग्रेस और सीपीएम, को मौका दे दिया है कि वे पार्टी पर ईसाई समुदाय के प्रति दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगायें.
केरल में भाजपा की रणनीति उत्तर भारत में ईसाइयों पर हुये हमलों को अलग-थलग घटनाओं के रूप में पेश करना था, जिसमें कथित तौर पर कट्टरपंथी तत्व शामिल थे. लेकिन छत्तीसगढ़ में भाजपा शासित सरकार के तहत हुई इस गिरफ्तारी ने पार्टी को सफाई देने का कोई मौका नहीं छोड़ा. भाजपा के एक नेता ने कहा, "इस संकट को सुलझाये बिना, पार्टी का ईसाई समुदाय तक पहुँचने का अगला कदम उठाना मुश्किल होगा."
इस बीच, केरल के मंत्रियों पी. राजीव और रोशी ऑगस्टाइन, साथ ही विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को नन प्रीति के परिवार से नेदुंबासेरी के पास मुलाकात की.
भाजपा के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इस मामले पर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर छत्तीसगढ़ सरकार से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और निर्दोष लोगों को बचाने की मांग की. हालांकि, उनकी इस पोस्ट पर कथित संघ समर्थकों की ओर से नकारात्मक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई, जिससे पार्टी के लिये स्थिति और जटिल हो गई है.