माओवादी दंपत्ति ने आंध्र प्रदेश में किया आत्मसमर्पण
रायपुर । संवाददाता: नक्सलवाद के खात्मे के बड़े लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ते हुए सुरक्षा बलों के लिए एक और बड़ी सफलता मिली है. छत्तीसगढ़ के एक वांछित माओवादी दंपत्ति, जिस पर कुल ₹33 लाख का इनाम घोषित था, ने पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि दोनों पुलिस प्रशासनों के चल रहे पुनर्वास प्रयासों के तहत उन्होंने हथियार छोड़ने का फैसला किया.
सुकमा जिला पुलिस के अनुसार, यह दंपत्ति ताड़मेटला, झीरम और टेकुलगुडेम सहित कई बड़े हमलों में शामिल था, जिनमें दर्जनों सुरक्षा कर्मियों और राजनेताओं की जान चली गई थी. अधिकारियों ने बताया कि सीपीआई (माओवादी) के दरभा डिवीजन के इंचार्ज और स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य जैललाल उर्फ डिरदो विजजा और उनकी पत्नी, मलंगेर एरिया कमेटी की इंचार्ज (डीवीसीएम रैंक) माडवी गांगी उर्फ विमला उर्फ भीमे ने 7 दिसंबर को छत्तीसगढ़ की सुकमा पुलिस और आंध्र प्रदेश की अल्लूरी सीताराम राजू (एएसआर) पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया.
लगभग चार दशकों से माओवादी रैंकों में सक्रिय रहे विजजा पर ₹25 लाख का इनाम था. उनकी पत्नी गांगी, जो अपने आप में एक वरिष्ठ माओवादी नेता हैं, पर ₹8 लाख का इनाम घोषित था. पुलिस ने बताया कि दोनों दरभा डिवीजन और मलंगेर क्षेत्र में प्रमुख व्यक्ति थे. सुकमा पुलिस के मुताबिक, विजजा छत्तीसगढ़ के कई सबसे हाई-प्रोफाइल माओवादी हमलों में वांछित था. उनकी पत्नी माडवी गांगी लगभग दो दशकों से माओवादियों से जुड़ी हुई थीं. (Symbolic Photo)