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छत्तीसगढ़ में 'दो कौड़ी के डॉक्टर' पर विवाद

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29 जून 2025, 03:07 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

डॉक्टर्स
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रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला अस्पताल में एक वरिष्ठ महिला डॉक्टर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी और कथित दुर्व्यवहार को लेकर राज्य के चिकित्सक समुदाय में आक्रोश फैल गया है.


इस मुद्दे पर रायपुर में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन, और सीआईडीए ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया. इन संगठनों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर नारायणपुर के अतिरिक्त कलेक्टर द्वारा की गई टिप्पणी "दो कौड़ी के डॉक्टर" की कड़ी निंदा की.

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डॉक्टर संगठनों का कहना है कि इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी न केवल चिकित्सा पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाती है, बल्कि महिलाओं का भी अपमान करती है. इस घटना ने पूरे राज्य के डॉक्टरों में गुस्सा पैदा कर दिया है.


प्रदर्शनकारी संगठनों ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:


संबंधित अधिकारी से सार्वजनिक माफी.

घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई.

कार्यस्थल पर डॉक्टरों के सम्मान, गरिमा और सुरक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश.

डॉक्टरों को एफ-टाइप आवास आवंटन में प्राथमिकता.

स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण केवल आईएएस अधिकारियों द्वारा किया जाये.

स्वास्थ्य नोडल पदों और समीक्षा बैठकों का नेतृत्व केवल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हो.

डॉक्टरों से संबंधित शिकायतों की जांच केवल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों (सीएमएचओ/सीएस) द्वारा हो.


साथ ही, संगठनों ने मांग की है कि डॉक्टरों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये जायें और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कोई दमनकारी कार्रवाई न हो.


जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह, जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह, और डॉ. पीयूष श्रीवास्तव ने संयुक्त बयान में कहा, "यह घटना चिकित्सा समुदाय की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मसला है. हम सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग करते हैं."


सीआईडीए के प्रवक्ता डॉ. ए.एस. चौहान ने बताया कि सरकार को इस मामले से औपचारिक रूप से अवगत करा दिया गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्य भर के संगठन अपनी सेवायें निलंबित करने के लिए मजबूर हो सकते हैं.


नारायणपुर की जिला कलेक्टर ने कहा कि शिकायत 19 जून को प्राप्त हुई थी, और यह घटना संभवतः तीन-चार दिन पहले की है. उन्होंने कहा, "मैंने नारायणपुर जिला पंचायत सीईओ, जो स्वयं एक डॉक्टर हैं, की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की है. शुरुआत में शिकायतकर्ता और जिला अस्पताल के अन्य डॉक्टरों ने सहयोग करने में अनिच्छा दिखाई और ओपीडी कार्य को भी बाधित किया, जिससे गरीब मरीज प्रभावित हुये हैं. अब शिकायतकर्ता सहयोग कर रही हैं, और हमें उम्मीद है कि यह मुद्दा जल्द सुलझ जायेगा."


तीनों संगठनों ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा पूरे चिकित्सा समुदाय की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. यह घटना न केवल नारायणपुर तक सीमित है, बल्कि पूरे राज्य में डॉक्टरों के कार्यस्थल पर सम्मान और सुरक्षा की मांग को और मजबूत करती है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP