मरवाही में सड़क दुर्घटना में युवक की मौत
मरवाही में रात के सन्नाटे में भयावह टक्कर: युवक की मौके पर मौत
पेंड्रा । डेस्क: छत्तीसगढ़ के मरवाही थाना क्षेत्र के भर्रीढांड गांव के पास देर रात दो बाइकों की जबरदस्त टक्कर से एक नौजवान की जान चली गई, जबकि उसके तीन साथी गंभीर रूप से चोटिल हो गए. हादसे के बाद घायलों को नजदीकी जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां इलाज की सुविधाओं को लेकर परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा.
इस घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है, जहां आपात स्थिति में भी डॉक्टरों और स्टाफ की कमी ने हंगामे को जन्म दे दिया.
जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना तब घटी जब दुर्गेश रजक अपनी बाइक पर सवार होकर दोस्त ईश्वर और विवेक के साथ भर्रीढांड से मरवाही की ओर बढ़ रहा था. इसी बीच, सामने से आ रही दूसरी बाइक पर नोहर सिंह सवार था.
दोनों वाहनों की आमने-सामने की भिड़ंत इतनी जोरदार हुई कि दुर्गेश को मौके पर ही सांसें थम गईं. बाकी तीनों ईश्वर, विवेक और नोहर भी बुरी तरह जख्मी हो गए. स्थानीय ग्रामीणों ने फौरन मदद की और सभी को मरवाही के जिला अस्पताल ले जाया.
अस्पताल पहुंचते ही हालात बिगड़ गए. ईश्वर की स्थिति देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्रारंभिक मदद के बाद बिलासपुर के बड़े केंद्र भेज दिया. विवेक को हल्की चोटें आई हैं, जिनका इलाज अभी अस्पताल में ही चल रहा है.
वहीं, नोहर सिंह के पैर में गहरी चोट लगी है, जिसे स्थानीय स्तर पर ही संभाला जा रहा. लेकिन मृतक दुर्गेश के परिजनों का गुस्सा तब भड़क गया जब उन्हें लगा कि आपातकाल में डॉक्टर और नर्स समय पर नजर नहीं आए.
परिजनों का दावा है कि घायलों को स्ट्रेचर पर लिटाए घंटों इंतजार करना पड़ा, क्योंकि रात के समय स्टाफ की कमी थी. इस विवाद ने पूरे अस्पताल परिसर को तनावग्रस्त कर दिया.
हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इन इल्जामों को पूरी तरह नकार दिया. डॉक्टरों का कहना है कि सूचना मिलते ही टीम हरकत में आ गई थी और घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया. उनकी मानें तो दुर्गेश हादसे के तुरंत बाद ही दुनिया छोड़ चुका था, इसलिए कोई देरी का सवाल ही पैदा नहीं होता.
मृतक के घर में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का बुरा हाल देखकर आसपास के लोग भी भावुक हो उठे.
इधर, मरवाही पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मर्ग दर्ज कर लिया है. अधिकारी दुर्घटना के पीछे की वजहों जैसे तेज गति या अंधेरा की गहन जांच में जुटे हैं.