हथियार छोड़ें और संविधान का पालन करें- गृह मंत्री विजय शर्मा
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने अर्बन नक्सलवाद और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट की है. दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि नक्सलवाद की राह पर चलने वालों के लिए सरकार का रुख साफ है वे हथियार त्यागें और भारत के संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात रखें.
उन्होंने कहा कि संवैधानिक ढांचे के बाहर किसी भी गतिविधि के लिए कोई स्थान नहीं है और सरकार फिलहाल इसी दिशा में काम कर रही है.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों की वापसी की संभावनाओं को खारिज करते हुए गृह मंत्री ने एक तार्किक उदाहरण दिया.
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी गंभीर ऑपरेशन के बाद डॉक्टर को मरीज के पास से तुरंत नहीं हटाया जा सकता, ठीक उसी तरह बस्तर जैसे क्षेत्रों में अभी एहतियात और सुरक्षा बलों की मौजूदगी अनिवार्य है.
उन्होंने आईईडी का जिक्र करते हुए कहा कि गांवों को आईईडी मुक्त बनाने की एक विशेष तकनीक होती है जिसे केवल प्रशिक्षित बल ही अंजाम दे सकते हैं. सरकार का लक्ष्य अब प्रभावित क्षेत्रों को 'नक्सल मुक्त' के साथ-साथ 'आईईडी मुक्त' गांव बनाना है.
बस्तर के विकास और नक्सल उन्मूलन के लिए सरकार द्वारा दी जा रही एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि पर उन्होंने बताया कि अब तक दो पंचायतों को यह लाभ मिल चुका है.
उन्होंने पूर्ववर्ती प्रयासों पर सवाल उठाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिन्होंने शहीदों के लिए कुछ नहीं किया, वे अब केवल भ्रामक बातें फैला रहे हैं.
इसके अतिरिक्त, नक्सलियों के डंप से बरामद हुए लगभग 10 किलो सोने के विषय में उन्होंने कहा कि यह मामला अभी जांच के अधीन है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.