कोरबा-कटघोरा में हाथियों का आतंक: फसलें बर्बाद, 2 हमलों में 1 की मौत
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा और कटघोरा वन मंडलों में फैले हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी है. वन अधिकारियों के अनुसार, इन इलाकों में वर्तमान में 100 से अधिक हाथी विचरण कर रहे हैं, जिससे हमलों और फसल नुकसान का डर बना हुआ है.
निगरानी बढ़ा दी गई है और झुंडों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
कटघोरा डिवीजन के पासन रेंज में भी यही हाल है, जहां सेमराहा सर्कल में 54 हाथी डेरा डाले हुए हैं. बार्रा, सेमराहा और हरदेवाथे जैसे गांवों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. वन अधिकारी बताते हैं कि हाथियों ने कई किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, और अब नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
इससे पहले, नंदरहा क्षेत्र में बुधवार रात को कम से कम 37 हाथी देखे गए, जिन्होंने 15 से अधिक किसानों की फसलें तबाह कर दीं. अधिकारियों ने कहा कि पिछले 15 दिनों से कार्ताला रेंज के आसपास के गांवों में करीब 50 हाथियों का झुंड घूम रहा था, जिससे धान की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं. नुकसान की भरपाई के लिए विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है.
इन घटनाओं के बीच बुधवार रात को रामपुर गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ. एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति, जो रामपुर बस स्टैंड के पास रहता था और सड़क किनारे की ढाबों से बची हुई खाने की चीजें इकट्ठा करके गुजारा करता था, जंगल की ओर भटक गया.
बिन्जकोट गांव के पास एक दांतेदार हाथी ने उस पर हमला कर दिया और पैरों तले कुचल दिया. स्थानीय लोगों ने हाथियों को भगाने की कोशिश की, तब जाकर शव मिला. उन्होंने तुरंत वन विभाग और पुलिस को सूचना दी.
यह घटना मंगलवार रात की एक अन्य घटना के ठीक एक दिन बाद हुई, जब मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भारतपुर जिले के गुरु घासीदास तामोर पिंगला टाइगर रिजर्व पार्क क्षेत्र में एक हाथी हमले में एक महिला की मौत हो गई और उसका बच्चा घायल हो गया. भारतपुर वन क्षेत्र में हुई इस घटना ने भी इलाके में अफरा-तफरी मचा दी थी.
छत्तीसगढ़ में 2025 में हाथी हमलों से होने वाली मौतों के आंकड़े-
वन विभाग के अनुसार, पिछले पांच वर्षों (2021-2025) में कुल 320 से अधिक लोगों की मौत हाथी हमलों में हुई है. गौरतल है कि 2025 के लिए समाचार रिपोर्टों के आधार पर अब तक कम से कम 14 मौतें दर्ज की गई हैं.
अप्रैल 2025: बलरामपुर जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत.
जुलाई 2025: रायगढ़ जिले में 24 जुलाई को तीन मौतें (एक बच्चा सहित). इसके बाद 30-31 जुलाई को सूरजपुर जिले में चार मौतें. कुल 7 मौतें.
अगस्त 2025: पठालगांव वन रेंज में 20 अगस्त को एक व्यक्ति की मौत.
सितंबर 2025: कोरबा जिले में 21-22 सितंबर को एक व्यक्ति की मौत.
अक्टूबर 2025: बलरामपुर में 5 अक्टूबर को एक ग्रामीण की मौत. मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भारतपुर में 8 अक्टूबर को एक महिला की मौत. कोरबा में 9 अक्टूबर को एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की मौत. कुल 3 मौतें.