जशपुर में ब्रेक फेल होने से बस पलटी, 5 की मौत, 20 घायल
जशपुर । डेस्क: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शुक्रवार की सुबह झारखंड के कुरडेग से कुनकुरी की ओर आ रही 'अनमोल' ट्रेवल्स की बस अनियंत्रित होकर गोड़अंबा गांव के पास पलट गई. इस दर्दनाक दुर्घटना में 5 यात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिनमें एक ही परिवार के पति-पत्नी और एक पिता-पुत्र शामिल हैं. हादसे में 20 से अधिक लोग जख्मी हुए हैं, जिनमें से 4 की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है.
घटना की पुष्टि करते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य पर पूरी नजर रखे हुए है.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह करीब पौने दस बजे जब बस एक ढलान से उतर रही थी, तभी अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया. बस के भीतर चीख-पुकार मच गई जब कंडक्टर ने चिल्लाकर यात्रियों को खतरे की चेतावनी दी. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, अनियंत्रित बस एक निर्माणाधीन मकान के करीब जाकर पलट गई.
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अद्भुत साहस का परिचय दिया. दिगंबर यादव और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने फौरन प्रशासन को सूचित किया और जेसीबी की मदद से बस के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला. अगर ग्रामीण समय पर सक्रिय न होते, तो हताहतों का आंकड़ा और बढ़ सकता था.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मृतकों में मकरीबंधा निवासी महेश राम और उनकी पत्नी बिमला, सिमडेगा की संपति देवी, और कुरडेग निवासी दिगेश्वर व उनका महज पांच माह का बेटा घनश्याम शामिल हैं.
इस हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए कि घायलों के उपचार में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए. फिलहाल, पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और दुर्घटना के तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है. उन्होंने इस दुर्घटना में लोगों के असामयिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि यह समाचार अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है.
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि दुर्घटना में घायल सभी व्यक्तियों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए तथा उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी करते हुए प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.