तीन दिनों में रेल पटरी पर गई 3 की जान
जगदलपुर: तीन दिनों में तीन की जान रेल पटरी पर गई
जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले में हाल के तीन दिनों ने एक दुखद सिलसिला बुन दिया है, जहां तीन व्यक्तियों ने रेल पटरियों पर कूदकर अपनी जान गंवा दी. इन घटनाओं ने स्थानीय पुलिस और समुदाय को स्तब्ध कर दिया है, खासकर जब दो मामलों में मृतकों की पहचान अब तक अज्ञात बनी हुई है. पुलिस जांच में पारिवारिक कलह और अज्ञात कारणों का पता चला है, लेकिन दो मामलों में सुरागों की कमी बाधा बनी हुई है.
सबसे पहले बोधघाट थाना क्षेत्र में हुई घटना ने परिवारों को झकझोर दिया. यहां 35 वर्षीय नवजीत हलधर, जो निर्मल विद्यालय के आसपास रहते थे, ने पारिवारिक विवादों के बोझ तले टूटकर लामनी-करकापाल रेल खंड पर ट्रेन के आगे कूद गये. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया. नवजीत की पहचान होने से पुलिस को कुछ राहत मिली, लेकिन यह घटना क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की कमी को उजागर कर रही है.
इसी बीच, परपा थाना क्षेत्र में एक रहस्यमयी घटना घटी, जहां एक अज्ञात युवक ने तीन दिन पूर्व रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या कर लिया. मौके पर पहुंची पुलिस को शव तो मिला, लेकिन मृतक के पास कोई पहचान पत्र, मोबाइल या अन्य सामान नहीं था. पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बावजूद, अब तक इस युवक की शिनाख्त नहीं हो सकी है. अधिकारी इसकी वजह से जांच को गति देने के लिए आसपास के इलाकों में तलाश तेज कर रहे हैं.
तीसरी घटना कोड़ेनार थाना क्षेत्र में सामने आई, जहां लगभग 55 वर्षीय एक बुजुर्ग ने अज्ञात परिस्थितियों में ट्रेन के नीचे आकर दम तोड़ दिया. स्थानीय निवासियों ने शोर मचाने पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शव को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया. पुलिस अब मृतक के परिवार की खोजबीन में जुटी है, लेकिन कोई ठोस सुराग न मिलने से मामला उलझा हुआ है.
इन लगातार घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव प्रबंधन और काउंसलिंग सेवाओं को मजबूत करने की जरूरत है ताकि ऐसी त्रासदियां दोहराई न जाएं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत संपर्क करें.