छत्तीसगढ़ हॉकी लीग: मैनपाट टाइटंस बनी पहली चैंपियन
मैनपाट टाइटंस ने फाइनल मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 से मात दी और पहली छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की ट्रॉफी उठाई.
रायपुर । संवाददाता: रायपुर के सरदार पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में रविवार को खेले गए छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के रोमांचक फाइनल मुकाबले में मैनपाट टाइटंस ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 से हराकर पहला खिताब अपने नाम किया. लीग चरण में दबदबा बनाने वाली संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को शिकस्त देकर टाइटंस ने पहले संस्करण की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया.
इस करीबी मुकाबले में दोनों टीमों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली, लेकिन चौथे क्वार्टर में बढ़त बनाने के बाद टाइटंस ने आखिरी लम्हों में गोल दागकर अपनी जीत पक्की कर दी.
संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने मैच की मजबूत शुरुआत की और पांचवें मिनट में आशीष दानी के पेनल्टी हासिल करने पर बढ़त बनाने का मौका पाया, लेकिन मैनपाट टाइटंस के गोलकीपर ने अपने बाएं हाथ से शानदार बचाव करते हुए इसे नाकाम कर दिया. इसके बाद 13वें मिनट में अभिषेक ने रिवर्स-हिट शॉट के जरिए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 1-0 की बढ़त दिलाई.
दूसरे क्वार्टर में भी स्ट्राइकर्स ने इस बढ़त को कायम रखा और 12वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन वे इसे गोल में नहीं बदल सके.
इसके बाद दूसरे क्वार्टर में मैनपाट टाइटंस ने वापसी की, जहां संदीप और प्रह्लाद की जोड़ी ने 14वें मिनट में मैदानी गोल (फील्ड गोल) कर टीम को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया. तीसरे क्वार्टर में मुकाबला और तेज हो गया. टाइटंस ने दूसरे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, जिसमें संदीप के प्रयास के दौरान स्ट्राइकर्स के खिलाड़ी निशांत चोटिल हो गए.
जल्द ही टाइटंस ने एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, जिसे संदीप ने गोल में बदलकर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी.
संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने 11वें मिनट में अपना तीसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, जिसे आशीष ने गोल में बदलकर 2-2 की बराबरी कायम की. टूर्नामेंट में 13 गोल करने वाले आशीष एक बार फिर अपनी टीम के लिए अहम साबित हुए.
चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही टाइटंस ने 3-2 की बढ़त बना ली. स्ट्राइकर्स को आठवें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए बराबरी का मौका मिला, लेकिन गेंद टाइटंस के खिलाड़ी से टकराने के बाद समीक्षा (रिव्यू) मांगने के बावजूद वे इसे भुनाने में असफल रहे. नौवें मिनट में उनके गोलकीपर ने एक और बचाव करके मुकाबले को बनाए रखा.
अंततः मैच में महज 10 सेकेंड शेष रहते मोहित ने टाइटंस के लिए चौथा गोल दागकर 4-2 से जीत और चैंपियनशिप की ट्रॉफी सील कर दी.
फाइनल के इस समापन क्षणों के साक्षी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और छत्तीसगढ़ के खेल मंत्री अरुण साव बने.