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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने PG मेडिकल एडमिशन में 'फैसला सुनाया

HC ने PG मेडिकल एडमिशन में 'मेरिट' के पक्ष में फैसला सुनाया

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21 नव. 2025, 07:15 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने स्नातकोत्तर (PG) मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए मेरिट को सर्वोच्च रखने पर जोर देते हुए 'छत्तीसगढ़ मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट एडमिशन रूल्स, 2025' के नियम 11(a) और 11(b) को असंवैधानिक घोषित करते हुए रद्द कर दिया. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने 25 वर्षीय डॉ. समृद्धि दुबे की याचिका स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया. 


कोर्ट ने कहा कि उच्च और विशिष्ट पाठ्यक्रमों में दाखिला देते समय शैक्षणिक मानकों की सुरक्षा के लिए मेरिट को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, और संस्थागत या अधिवास आरक्षण की आड़ में योग्यता में ढील देने से महत्वपूर्ण पेशेवर उत्कृष्टता से समझौता होने का खतरा है. कोर्ट ने कहा कि ये नियम राज्य कोटे के तहत PG मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश चाहने वाले उम्मीदवारों के बीच एक अनुचित वर्गीकरण पैदा करते थे और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करते थे. 

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याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि ये नियम 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय' से संबद्ध कॉलेजों से MBBS करने वाले उम्मीदवारों को 100% आरक्षण देते थे, जो एक विश्वविद्यालय-आधारित आरक्षण था और समानता के अधिकार का उल्लंघन करता था. 

राज्य की ओर से डिप्टी एडवोकेट जनरल शशांक ठाकुर ने तर्क दिया कि नए नियम अधिवास-आधारित वरीयता को समाप्त करते हैं और संस्थागत वरीयता से संबंधित हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अनुमोदित किया है. 


हालांकि, खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के डॉ. तन्वी बहल बनाम श्रेय गोयल और अन्य मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले पर भरोसा किया, जिसमें कहा गया था कि PG मेडिकल पाठ्यक्रमों में निवास-आधारित आरक्षण अस्वीकार्य है. कोर्ट ने दोहराया कि PG मेडिकल पाठ्यक्रमों में, राज्य कोटे की सीटें, संस्था-आधारित आरक्षण की उचित संख्या के अलावा, अखिल भारतीय परीक्षा में योग्यता के आधार पर सख्ती से भरी जानी चाहिए. 


इस बाध्यकारी कानूनी प्रस्ताव का पालन करते हुए, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नियम 11(a) और 11(b) को अधिकार से परे (ultra vires) मानते हुए रद्द कर दिया. कोर्ट ने निर्देश दिया कि राज्य इन रद्द किए गए नियमों में उल्लिखित उम्मीदवारों के बीच भेदभाव नहीं कर सकता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP