छत्तीसगढ़: बुजुर्ग ने आंगनवाड़ी के लिए दान की अपनी जमीन
कोरिया । संवाददाता: जहाँ आज के दौर में जमीन के छोटे-से टुकड़े के लिए भी परिवारों में आपसी विवाद आम बात हो गई है, वहीं छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से सामाजिक सरोकार और इंसानियत की एक बेहद प्रेरक मिसाल सामने आई है. जिले के करहियाखाद गाँव के रहने वाले 73 वर्षीय मोहम्मद शफीक खान ने बच्चों के बेहतर भविष्य और उनके स्वास्थ्य-शिक्षा के लिए अपनी निजी जमीन का एक हिस्सा आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए दान कर दिया है.
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के सेवानिवृत्त कर्मचारी मोहम्मद शफीक खान को जब यह पता चला कि इलाके में आंगनवाड़ी केंद्र बनाने के लिए कोई उपयुक्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, तो उन्होंने बिना किसी स्वार्थ के अपनी निजी भूमि में से 5 डिसमिल जमीन दान करने का फैसला किया.
उनका कहना है कि पड़ोस के छोटे बच्चों को खेलते देख उन्हें हमेशा लगता था कि अगर इन्हें बचपन से ही सुरक्षित माहौल, अच्छे संस्कार और शुरुआती शिक्षा मिले, तो इनका भविष्य सवर सकता है. इसी सोच ने उन्हें इस नेक काम के लिए प्रेरित किया.
बुजुर्ग के इस नि:स्वार्थ कदम की गूंज पूरे जिले में है. इस अनुकरणीय पहल की जानकारी मिलने पर कोरिया जिला कलेक्टर रोक्टिमा यादव खुद मोहम्मद शफीक खान के घर पहुंचीं.
उन्होंने शफीक खान के इस जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि समाज को सही दिशा देने वाले और असली प्रेरणा बनने वाले लोग वही होते हैं, जो अपने निजी हितों से ऊपर उठकर आने वाली पीढ़ियों के बारे में सोचते हैं.
कलेक्टर की इस यात्रा के दौरान एक बेहद भावुक पल तब आया जब बुजुर्ग की चार छोटी पोतियों ने कलेक्टर को अपनी मासूम आवाज में "मछली जल की रानी है" कविता सुनाई.
इस आत्मीय संवाद ने वहां मौजूद सभी लोगों को भाव-विभोर कर दिया. प्रशासन का मानना है कि मोहम्मद शफीक खान का यह त्याग समाज के अन्य लोगों को भी जनकल्याण और सामुदायिक प्रगति के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करेगा.