संविदा बिजली कर्मचारी भी आंदोलन की राह पर
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के संविदा कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल और सामूहिक अवकाश को लेकर कंपनी के मानव संसाधन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. विभाग द्वारा जारी एक परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के प्रावधानों के तहत हड़ताल, प्रदर्शन या बिना अनुमति अवकाश लेना अनुशासनहीनता माना जाएगा. ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
कर्मचारी संघ की हड़ताल की घोषणा
संविदा कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता चुना है. संघ ने 1 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश, 2 अक्टूबर को कार्य बहिष्कार और 18 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है. इस संबंध में कंपनी प्रबंधन ने सभी क्षेत्रीय कार्यपालक निदेशकों और मुख्य अभियंताओं को निर्देश जारी किए हैं कि आंदोलन में शामिल होने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार कर रायपुर स्थित मानव संसाधन-वितरण कार्यालय को भेजी जाए, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके.
बिजली आपूर्ति: एक अत्यावश्यक सेवा
मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 65 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत उद्योग एक अत्यावश्यक सेवा के रूप में कार्य करता है. उन्होंने कहा कि हड़ताल या सामूहिक अवकाश से बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए कंपनी ने जिला प्रशासन और पुलिस से सहयोग मांगा है ताकि शांति और सुरक्षा बनी रहे.
कंपनी की कानूनी तैयारी
कंपनी प्रबंधन ने आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार के व्यवधान को रोकने के लिए कानूनी और प्रशासनिक प्रबंध किए हैं. प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अवैध हड़ताल या अनधिकृत अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कर्मचारी संघ को भी चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.