छत्तीसगढ़: 'चिरायु योजना' से 40 बच्चों को मिला नया जीवन
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त पहल 'चिरायु स्वास्थ्य योजना' राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है. विशेष रूप से राज्य के दूरदराज और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है. इसी कड़ी में प्रदेश के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में अब तक 40 से अधिक बच्चों का इस योजना के तहत सफल ऑपरेशन कर उन्हें नया जीवन दिया गया है.
नक्सल प्रभावित और सुदूर जंगली इलाकों में रहने वाले कई परिवार लंबे समय से अपने बच्चों की जन्मजात और गंभीर बीमारियों को लेकर परेशान थे. आर्थिक तंगी के कारण जहां पहले इन परिवारों के लिए बेहतर इलाज का खर्च उठाना नामुमकिन था, वहीं चिरायु योजना ने उनके जीवन में एक नई उम्मीद जगाई हस्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर की पहचान
योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार अंदरूनी गांवों का दौरा कर रही हैं. ये टीमें बीमारी से पीड़ित बच्चों की पहचान करती हैं और फिर उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों में पूरी तरह से निःशुल्क इलाज और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.
अब तक जिले के 40 से ज्यादा बच्चों के दिल में छेद (जन्मजात हृदय विकार) और सुनने की अक्षमता जैसी गंभीर बीमारियों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है. सर्जरी के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है, जिससे इन ग्रामीण परिवारों में आज खुशी का माहौल है.
परिजनों ने जताया सरकार का आभार
इलाज पाकर स्वस्थ हुए बच्चों के माता-पिता ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है. एक हितग्राही परिजन ने बताया कि वे अपने बच्चे के इलाज का खर्च उठाने में पूरी तरह असमर्थ थे और उम्मीद खो चुके थे. लेकिन चिरायु टीम ने न केवल बच्चे की बीमारी की पहचान की, बल्कि जांच से लेकर सर्जरी तक की सारी व्यवस्था खुद आगे बढ़कर कराई.
इस मानवीय और संवेदनशील पहल से गरीब परिवारों को न सिर्फ भारी-भरकम चिकित्सकीय खर्च से बड़ी आर्थिक राहत मिली है, बल्कि उनके नौनिहालों को एक स्वस्थ और बेहतर भविष्य भी मिला है. यही वजह है कि वनांचल के ये ग्रामीण परिवार आज मुक्त कंठ से शासन की इस योजना की सराहना कर रहे हैं.ै.