छत्तीसगढ़ में व्यापारिक लाइसेंस अब अनिवार्य, लाईसेंस राज की वापसी ?
रायपुर । संवाददाता: शहरी इलाकों में व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने कदम उठाया है. राज्य में नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत के दायरे में कोई भी व्यावसायिक काम बिना अनुमति के अब संभव नहीं रहेगा. इसके लिए जारी की गई 'छत्तीसगढ़ नगरपालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम 2025' की अधिसूचना ने तुरंत प्रभाव से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. सरकार का मानना है कि ये प्रावधान न केवल अतिक्रमण की समस्या को कम करेंगे, बल्कि स्थानीय निकायों की आय में भी इजाफा लाएंगे.
अब गुमटी, ठेला या वाहनों पर आधारित छोटे-मोटे कारोबार करने वालों को भी लाइसेंस प्राप्त करना जरूरी हो गया है. यदि कोई बिना अनुज्ञापन के काम करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ-साथ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. विशेष रूप से, दुकानों के आगे फुटपाथ पर कब्जा, गैरकानूनी पार्किंग या अनधिकृत विज्ञापन जैसे उल्लंघनों पर अब कोई ढील नहीं बरती जाएगी. राज्य, केंद्र सरकार और जिला प्रशासन के आदेशों का पालन भी हर हाल में अनिवार्य कर दिया गया है.
शुल्क की व्यवस्था को क्षेत्रीय विशेषताओं के अनुरूप ढाला गया है. भवनों और खुले स्थानों को सड़क की चौड़ाई व इलाके के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा. नगर निगम जोन में न्यूनतम सालाना शुल्क 4 रुपये प्रति वर्ग फुट, नगरपालिका में 3 रुपये और नगर पंचायत में 2 रुपये निर्धारित हैं. इसी तरह, मोहल्ला-कॉलोनी क्षेत्रों के लिए ये दरें क्रमश: 4, 3 और 2 रुपये रहेंगी. छोटे-मध्यम बाजारों में 5, 4, 3 रुपये तथा बड़े बाजारों में 6, 5, 4 रुपये प्रति वर्ग फुट चुकाना पड़ेगा. बाजार से दूर स्थित व्यावसायिक स्थानों पर अधिकतम सीमा नगर निगम के लिए 30 हजार, नगरपालिका के लिए 20 हजार तथा नगर पंचायत के लिए 10 हजार रुपये सालाना तय की गई है.
वाहन-आधारित व्यापार के लिए भी नई व्यवस्था लागू हो गई है. मिनी ट्रक, पिकअप या जीप वाले कारोबारियों को नगर निगम क्षेत्र में 400 रुपये, नगरपालिका में 300 रुपये और नगर पंचायत में 200 रुपये वार्षिक शुल्क देना होगा. वहीं, ऑटो रिक्शा और तिपहिया वाहनों के लिए ये राशियां क्रमश: 250, 200 तथा 150 रुपये होंगी. यदि यातायात में बाधा उत्पन्न होती है, तो संबंधित वाहन की अनुमति तत्काल रद्द की जा सकती है.
नए नियमों का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. प्राप्त आवेदन पर 15 दिनों के अंदर अनुज्ञापन जारी हो जाएगा, अन्यथा इसे स्वत: स्वीकृत माना जाएगा. जिनके पास पहले से कोई लाइसेंस नहीं है, उन्हें अगले 60 दिनों में आवेदन जमा करना होगा. अनुज्ञापन की वैधता अधिकतम 10 वर्ष तक रहेगी, लेकिन समाप्ति से एक साल पहले इसका नवीनीकरण कराना अनिवार्य है. यदि समय पर नवीनीकरण न हो, तो अनुमति रद्द हो जाएगी और व्यापारिक स्थल को सील कर दिया जाएगा. इस तरह के बदलाव से शहरी व्यवस्था में नई गति आएगी.