अंबेडकर अस्पताल में ब्रेस्ट के बेनाइन फाइब्रो एपिथीलियल ट्यूमर की सर्जरी
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रवांडा की रहने वाली युवती के ब्रेस्ट के बेनाइन फाइब्रो एपिथीलियल ट्यूमर की सफल सर्जरी की गई. अम्बेडकर अस्पताल के सर्जरी विभाग की इन उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों की सेवाएँ न केवल सुलभ और किफायती हैं बल्कि उच्चस्तरीय गुणवत्तापरक भी हैं. यही कारण है कि अब विदेशी मरीज भी यहाँ उपचार के लिए आ रहे हैं.
अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने जानकारी देते हुए कहा है कि अम्बेडकर अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग की ओपीडी में ब्रेस्ट क्लीनिक का संचालन नियमित तौर पर किया जा रहा है.
यहां पर प्रतिमाह 300 से 400 ब्रेस्ट से संबंधित समस्याओं के केस महिला डॉक्टरों के द्वारा देखे जाते हैं. आवश्यकतानुसार जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन भी किया जाता है. वर्तमान में यहां जनरल सर्जरी विभाग में ब्रेस्ट की रीडक्शन सर्जरी भी की जा रही है जिसमें स्तनों के असामान्य आकार को ऑपरेशन के जरिए सामान्य स्थिति में लाया जाता है.
देश का सबसे बड़ा पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं इससे संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय लगातार अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं से न केवल प्रदेश और देश बल्कि विदेशों से आए मरीजों का भी भरोसा जीत रहा है. अनुभवी डॉक्टरों की टीम एवं उपचार प्राप्त करने की सरलतम प्रक्रिया के कारण यह अस्पताल सर्वाधिक विश्वसनीय संस्थान के रूप में अपनी पहचान व्यापक स्तर पर दर्ज कर चुका है.
इसी क्रम में हाल ही में अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग में रवांडा (ईस्ट अफ़्रीका) की 20 वर्षीय युवती के लेफ्ट ब्रेस्ट के बेनाइन फाइब्रो एपिथीलियल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया गया. जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह के नेतृत्व में हुए इस ऑपरेशन की विशेषता यह रही कि ब्रेस्ट के ट्यूमर को निकालने के बाद मरीज के भावी जीवन, विशेषकर मातृत्व अवस्था पर इस सर्जरी का कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा.
डॉ. मंजू सिंह के अनुसार वर्तमान में युवती पूरी तरह ठीक है और उसे अस्पताल से छुट्टी भी दी जा रही है. ऑपरेशन के संदर्भ में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि एक 20 वर्षीय विदेशी युवती लेफ्ट ब्रेस्ट में दर्द की समस्या के साथ अस्पताल के ब्रेस्ट क्लिनिक में आई थी. जहां पर जांच के बाद पता चला कि उसके ब्रेस्ट में बेनाइन फाइब्रो एपिथेलियल ट्यूमर है. मरीज की बायोप्सी हुई. उसके बाद ब्रेस्ट की कॉस्मेसिस (Cosmesis) मेंटेन करते हुए ऑपरेशन किया गया .
ब्रेस्ट के ट्यूमर एवं उसके आसपास के टिश्यू को हटाते हुए वाईड लोकल एक्सीजन किया गया. इस बात का ध्यान रखा गया कि ब्रेस्ट के शेप और साइज में कोई अंतर नहीं आये. साथ ही साथ सर्जरी के बाद निशान (scar) भी दिखाई नहीं दे.
पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी के कहा है कि चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के लिए यह गर्व की बात है कि यहाँ न केवल देश बल्कि विदेश से भी मरीज उपचार हेतु आ रहे हैं और स्वस्थ होकर लौट रहे हैं.
जनरल सर्जरी विभाग द्वारा युवती का सफल उपचार हमारी चिकित्सा टीम की दक्षता, निष्ठा और समर्पण का प्रमाण है. मैं पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई देता हूँ और विश्वास दिलाता हूँ कि हमारा संस्थान आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करता रहेगा.
बेनाइन फाइब्रो एपिथीलियल ट्यूमर
ब्रेस्ट में बिनाइन फाइब्रोएपिथेलियल ट्यूमर का मतलब है कि स्तन में एक गैर-कैंसरयुक्त (सौम्य) गांठ है जो रेशेदार (फाइब्रो) और ग्रंथियों (एपिथेलियल) ऊतकों से बनी होती है, जिसे आमतौर पर फाइब्रोएडीनोमा कहा जाता है. यह एक ठोस, चिकनी, गोल और लोचदार गांठ होती है जो एक जगह से दूसरी जगह घूम सकती है.
यह युवा महिलाओं में बहुत आम है और आमतौर पर इसका इलाज ज़रूरी नहीं होता, लेकिन आकार या लक्षणों में बदलाव होने पर डॉक्टर इसे हटाने के लिए सर्जरी की सलाह दे सकते हैं या नियमित निगरानी कर सकते हैं.