शुक्र, 16 अक्टू. 2026

CGKhabar

छत्तीसगढ़: 17 दिनों में अफीम की खेती के 7 मामले

छत्तीसगढ़: 17 दिनों में अफीम की खेती के 7 मामले, लैलूंगा में 3 मामले पकड़ाए

C

CG Khabar

23 मार्च 2026, 07:05 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

अफीम की खेती
अफीम की खेती

रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में अफीम की अवैध खेती के फलते-फूलते नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. बीते महज 17 दिनों के भीतर राज्य में अफीम की खेती से जुड़े 7 बड़े मामले सामने आए हैं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं. ताजा मामला रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र का है, जहां नवीन घटगांव और मुड़ागांव में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अफीम की फसल जब्त की है.


लैलूंगा में हुई इस कार्रवाई के दौरान 3 किसानों साधराम नाथ, अभिमन्यु नागवंशी और तानसिंह नागवंशी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है. 


सोमवार सुबह भाजपा नेता रवि भगत की सूचना पर एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशानुसार पुलिस की दो टीमों ने दबिश दी. 


जांच में पाया गया कि आरोपी किसानों ने करीब 10 से 15 डिसमिल के अलग-अलग पैच में अफीम उगाई थी. 


पुलिस को मौके से न केवल खड़ी फसल मिली, बल्कि घरों से सूखे पौधे, पत्तियां और तने के अवशेष भी बरामद हुए हैं.


राज्य में अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही इस मुहीम के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. 


आंकड़ों पर नजर डालें तो 7 मार्च को दुर्ग के समोदा में 7.88 करोड़ रुपये की अफीम पकड़ी गई थी. इसके बाद बलरामपुर के कुसमी और कारेधा में भी एकड़ में फैली फसलें नष्ट की गईं. रायगढ़ का तमनार ब्लॉक भी इस सूची में शामिल है, जहां 20 मार्च को 2.5 करोड़ रुपये की अफीम जब्त की गई थी.


इधर, कुम्हारी पुलिस ने भी अफीम तस्करी के नेटवर्क पर प्रहार करते हुए दो और आरोपियों को दबोचा है. 


ड्रग पेडलर गुरमेल सिंह के मोबाइल सीडीआर और बैंक ट्रांजेक्शन खंगालने के बाद पुलिस ने झारखंड और रायपुर के टाटीबंध से जुड़े सप्लायरों को गिरफ्तार किया. 


वहीं, समोदा मामले में राजस्थान के एक आरोपी सुखराम बिश्नोई को भी पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया है, जिसके पास से डोडा चूरा और नकदी बरामद हुई है. फिलहाल, लैलूंगा में जब्त अफीम के सैंपलों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना की तलाश जारी है.


तमनार और लैलूंगा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नशीली फसलों के खुलासे के बाद जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष नगेंद्र नेगी ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सत्ता के रसूख तले संगठित गिरोह सक्रिय हैं, जिनके संरक्षण में अफीम का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है.


नेगी ने प्रशासनिक सतर्कता पर निशाना साधते हुए कहा कि तमनार के आमाघाट के बाद अब लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव में अफीम की खेती मिलना इस बात का प्रमाण है कि जिले में एक बहुत बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है. 


उन्होंने हैरानी जताई कि पिछले दो वर्षों से सुदूर इलाकों में यह अवैध धंधा बेधड़क चलता रहा, लेकिन कृषि, राजस्व और पुलिस विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी. कांग्रेस नेता ने इसे अधिकारियों की गंभीर लापरवाही बताते हुए सवाल किया कि आखिर तंत्र की नाक के नीचे इतना बड़ा खेल कैसे चलता रहा और अब तक जिम्मेदार अफसरों पर गाज क्यों नहीं गिरी?


कांग्रेस ने इस पूरे मामले को शासन की विफलता करार देते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. पार्टी का कहना है कि प्रशासन केवल छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति न करे, बल्कि इस रैकेट के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब किया जाए. नेगी ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे. File Photo

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP