धरमजयगढ़ के रिहायशी इलाकों में 146 हाथियों का डेरा
धरमजयगढ़ के रिहायशी इलाकों में 146 हाथियों का डेरा, फसल की बर्बाद की
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले धरमजयगढ़ वन मंडल में गजराजों का कुनबा लगातार विशाल होता जा रहा है. वन विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में हाथियों की कुल संख्या अब 146 तक पहुंच गई है, जो स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का बड़ा सबब बन गई है.
शुक्रवार की रात इन जंगली हाथियों के अलग-अलग समूहों ने ग्रामीण क्षेत्रों में घुसकर जमकर उत्पात मचाया और लगभग 12 किसानों की तैयार फसलों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया.
क्षेत्र में मौजूद 146 हाथियों के कुनबे में 37 नर, 72 मादा और 37 शावक शामिल हैं. वर्तमान में हाथियों की सबसे अधिक सक्रियता छाल रेंज के सिंघीझाप क्षेत्र में बनी हुई है, जहाँ 35 हाथी एक साथ विचरण कर रहे हैं.
इसके अतिरिक्त आमगांव, लोटन, आलोला और लैलूंगा के तिलाई दरहा क्षेत्रों में भी हाथियों के विभिन्न दल सक्रिय हैं. शुक्रवार की रात जब हाथियों ने मेढ़रमार, दुलियामुड़ा, कोलयार, क्रोधा और डोंगाभौना जैसे गांवों का रुख किया, तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
शनिवार सुबह जब ग्रामीणों ने कोलयार के जंगलों के पास हाथियों को देखा, तो उन्होंने एकजुट होकर शोर मचाते हुए उन्हें खदेड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद हाथियों का दल जंगल की गहराई में लौट गया.
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर फसलों के नुकसान का जायजा लेना शुरू कर दिया है. अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि नुकसान का उचित आकलन कर प्रभावित किसानों को जल्द ही मुआवजा प्रदान किया जाएगा. वर्तमान में वन अमला हाथियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहा है ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके. Symbolic Photo