दुनिया की नंबर-1 कोयला खदान बनेगी छत्तीसगढ़ की गेवरा खदान
बिलासपुर । संवाददाता: कोल इंडिया की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) द्वारा संचालित गेवरा खदान अगले साल दुनिया की सबसे बड़ी खदान बन जाएगी. SECL के सीएमडी हरीश दुहान ने पुष्टि की है कि यह खदान 63 मिलियन टन वार्षिक कोयला उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर अमेरिका की 'ब्लैक थंडर' खदान (61-62 मिलियन टन) को पीछे छोड़ देगी और दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खदान बन जाएगी.
वर्तमान में भारत की सबसे बड़ी ओपनकास्ट खदान के रूप में पहचानी जाने वाली गेवरा को पहले ही अपनी क्षमता बढ़ाकर सालाना 70 मिलियन टन करने की पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है. इस वित्तीय वर्ष में कंपनी ने 56 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसे पूरा करने के लिए पर्याप्त भूमि, आधुनिक मशीनरी, जनशक्ति और भारतीय रेलवे का मजबूत बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार है.
कोयला उत्पादन के साथ-साथ कंपनी अपने कारोबार का विविधीकरण भी कर रही है, जिसमें 700 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स, गैसीफिकेशन परियोजनाएं और छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स व फ्लोटिंग सोलर पर काम करना शामिल है.
इसके अलावा, SECL खदान के मलबे से दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements) को निकालने की तकनीक पर भी वैज्ञानिक एजेंसियों के साथ काम कर रही है. भविष्य की योजनाओं को गति देने के लिए कंपनी मार्च 2027 तक अपना IPO लाने और शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का लक्ष्य लेकर चल रही है.