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छत्तीसगढ़ के रेलवे बजट में 22 गुना से अधिक की वृद्धि

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06 दिस. 2025, 06:14 AM 3 मिनट में पढ़ें 4

अश्विनी वैष्णव
अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली । डेस्क: रेल मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में रेल अवसंरचना के लिए बजटीय आवंटन में अभूतपूर्व वृद्धि की सूचना दी है. मंत्रालय ने संसद को बताया कि राज्य के लिए आवंटन 2009–2014 के दौरान प्रति वर्ष औसत ₹311 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025–2026 में ₹6,925 करोड़ हो गया है, जो बाईस गुना से अधिक की वृद्धि है.


संसद सदस्य राजीव शुक्ला द्वारा उठाए गए एक प्रश्न के जवाब में, रेल, सूचना और प्रसारण, और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन के सामने स्वीकृत परियोजनाओं, प्रगति और राज्य में चल रहे कार्यों का विस्तृत ब्यौरा रखा.

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मंत्री ने ट्रैक कमीशनिंग की गति में आए महत्वपूर्ण त्वरण पर प्रकाश डाला. जहां 2009 और 2014 के बीच केवल 32 किलोमीटर नई लाइन जोड़ी गई, जिसका वार्षिक औसत 6.4 किलोमीटर था, वहीं 2014 से 2025 की अवधि में 1,189 किलोमीटर ट्रैक कमीशन किए गए. इस अवधि में वार्षिक औसत 108.1 किलोमीटर रहा, जो पिछली गति से पंद्रह गुना से भी अधिक है.


1 अप्रैल 2025 तक, कुल 26 स्वीकृत परियोजनाएं जिनमें छह नई लाइनें और बीस दोहरीकरण या मल्टीट्रैकिंग कार्य शामिल हैं. छत्तीसगढ़ में पूर्णतः या आंशिक रूप से चल रही हैं. ये परियोजनाएं 1,932 किलोमीटर को कवर करती हैं और इनकी लागत ₹31,619 करोड़ है. इनमें से 1,023 किलोमीटर का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जिस पर मार्च 2025 तक ₹16,325 करोड़ का संचयी व्यय हो चुका है.


हाल ही में पूरी हुई प्रमुख परियोजनाओं में खरसिया–धरमजयगढ़ नई लाइन (100 किमी), रायपुर–टिटलागढ़ दोहरीकरण (203 किमी), साल्का रोड–खोंगसरा दोहरीकरण (26 किमी), दुर्ग–राजनांदगांव दोहरीकरण (31 किमी), खोडरी–अनूपपुर दोहरीकरण (बिलासपुर फ्लाईओवर के साथ 72 किमी), बिलासपुर–उरकुरा तीसरी लाइन (110 किमी), चांपा–झारसुगुड़ा तीसरी लाइन (152 किमी), और पेण्ड्रा रोड–अनूपपुर तीसरी लाइन (50 किमी) जैसे प्रमुख लाइन और क्षमता-संवर्धन कार्य शामिल हैं.


वर्तमान में प्रगति पर चल रहे बड़े कार्यों में डल्लीराजहरा–रावघाट नई लाइन, रावघाट–जगदलपुर नई लाइन, गेवरा रोड–पेण्ड्रा रोड नई लाइन, धरमजयगढ़–कोरबा नई लाइन, और किरंदुल–जगदलपुर, जगदलपुर–कोरापुट, झारसुगुड़ा–बिलासपुर चौथी लाइन, राजनांदगांव–नागपुर तीसरी लाइन, बोरिदंड–अंबिकापुर दोहरीकरण, और खरसिया–परमलकसा पांचवीं और छठी लाइन पहल जैसी कई दोहरीकरण और मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं शामिल हैं.


पिछले तीन वर्षों - 2022–2023, 2023–2024, 2024–2025 और चालू वित्तीय वर्ष 2025–2026 में - रेलवे ने छत्तीसगढ़ में 5,755 किलोमीटर को कवर करते हुए 61 सर्वेक्षण किए हैं, जिनमें 26 नई लाइन और 35 दोहरीकरण सर्वेक्षण शामिल हैं.


मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रैफिक अनुमान, वित्तीय व्यवहार्यता, भूमि अधिग्रहण, वैधानिक मंजूरी, और भूवैज्ञानिक स्थितियों जैसे कई कारक रेल परियोजनाओं की मंजूरी और समय पर पूरा होने को प्रभावित करते हैं, जो परियोजना की समयसीमा और लागत अनुमानों पर सीधा असर डालते हैं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP