जनगणना 2027: छत्तीसगढ़ में हाउस-लिस्टिंग का 60% काम पूरा हुआ
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में आगामी जनगणना 2027 के तहत मकानों की सूची तैयार करने (हाउस-लिस्टिंग) के काम ने रफ्तार पकड़ ली है. राज्य ने इस बड़े अभियान का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. डिजिटल मॉनिटरिंग और मैदानी स्तर पर की गई कड़े जांच-परख के बाद कुल 48,742 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (एचएलबी) में से 29,602 ब्लॉक्स का काम अंतिम रूप से सत्यापित किया जा चुका है.
इस मुहिम में आदिवासी बाहुल्य गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) ज़िले ने मिसाल कायम करते हुए अपने सभी 528 ब्लॉक्स को 100 फ़ीसदी पूरा कर राज्य में शीर्ष स्थान हासिल किया है. जीपीएम के कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन ने बताया कि भौगोलिक और जनजातीय चुनौतियों के बावजूद सूक्ष्म-नियोजन और रोज़ाना की डिजिटल समीक्षा की बदौलत 17 मई की आधी रात तक पोर्टल पर सारा डेटा सिंक कर यह सफलता पाई गई.
जीपीएम के अलावा जशपुर (99.87%), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (99.84%), बेमेतरा (97.8%) और मुंगेली (96.52%) ज़िले भी शत-प्रतिशत लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच चुके हैं. राहत की बात यह है कि पूरे प्रदेश में 'शून्य प्रगति' वाले ब्लॉक्स की संख्या अब लगभग खत्म हो चुकी है, सिर्फ कबीरधाम ज़िले में एक ब्लॉक का काम शुरू होना बाकी है.
इसके विपरीत, राज्य के बड़े शहरी और नगर निगम क्षेत्रों की रफ्तार अब भी चिंता का विषय बनी हुई है.
राजधानी रायपुर में 1,964 चिन्हित ब्लॉक्स में से केवल 203 का काम पूरा हो सका है, जो कुल लक्ष्य का महज 10.34 प्रतिशत है. सबसे खराब स्थिति रायगढ़ नगर निगम की रही, जहां सिर्फ 4.65 फीसदी काम हुआ है. वहीं भिलाई में 7.84 प्रतिशत और रिसाली में 8.33 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है.
शहरी इलाकों की इस सुस्ती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है. प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नगर निगम क्षेत्रों में काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सटीक जनगणना डेटा ही राज्य में सुशासन और हर गरीब परिवार तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का मुख्य आधार बनेगा.
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने नगर निगम आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को शहरी क्षेत्रों में सुस्ती दूर करने के लिए तत्काल विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त करने के आदेश जारी किए हैं.