रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

CEC ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा हो: कॉकरोच जनता पार्टी

C

CG Khabar

23 सित. 2026, 02:49 PM 2 मिनट में पढ़ें 6

सौरभ दास
सौरभ दास

नई दिल्ली । डेस्क: 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक खोजी रिपोर्ट के बाद देश की चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत देशभर में लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के दौरान, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के नाम पर लिए गए फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक विरोध दर्ज कराया था.


इस रिपोर्ट के सामने आते ही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने केंद्र सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है. सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि नागरिकों से बदलाव के लिए वोट देने का अधिकार छीन लिया गया है. 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी बेरोजगारी, पेपर लीक, जर्जर स्कूल बुनियादी ढांचे, मिलावटी कफ सिरप और शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण जैसे गंभीर संकटों से जूझ रही है. ऐसे में लोगों के पास बेहतर सरकार चुनने का एकमात्र रास्ता उनका मतदान अधिकार ही होता है, लेकिन अगर निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया ही प्रभावित हो जाए तो जनता कहां जाएगी.


सौरव दास ने इस रिपोर्ट को पिछले कुछ वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण खबर बताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आचरण को 'गैर-कानूनी' करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त एक विशेष राजनीतिक दल के हित में काम कर रहे हैं. 


सौरभ दास ने इसे देश के नागरिकों के साथ बड़ा धोखा बताते हुए मांग की कि ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों और इसके लाभार्थियों को कानून के कठघरे में लाया जाएगा.


इसी क्रम में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी हमला बोलते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को 'स्पेशल इंसेंटिव रिगिंग' (विशेष गहन धांधली) करार दिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर कड़े आरोप लगाए.


दूसरी ओर, इन गंभीर आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हालांकि, पीटीआई (PTI) के अनुसार, अनाम आधिकारिक सूत्रों ने स्वीकार किया है कि प्रक्रिया के दौरान आपत्तियां जरूर उठाई गई थीं, लेकिन आयोग के सभी अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से ही लिए गए थे.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP