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दूषित कफ सिरप के बाद 10 'हाई रिस्क' सॉल्वैंट्स पर CDSCO की निगरानी

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25 अक्टू. 2025, 06:39 AM 4 मिनट में पढ़ें 2

CDSCO
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नई दिल्ली । डेस्क: हाल ही में दूषित कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की अत्यधिक मात्रा के कारण मध्य प्रदेश में 20 से अधिक बच्चों की कथित मौत की खबर के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुरू की गई कार्रवाई की श्रृंखला में, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने अब उच्च जोखिम वाले सॉल्वैंट्स की गुणवत्ता और सप्लाई चेन की निगरानी के लिए ऑनलाइन नेशनल ड्रग्स लाइसेंसिंग सिस्टम (ONDLS) पोर्टल पर एक डिजिटल निगरानी प्रणाली स्थापित की है.


इस कदम का उद्देश्य फार्मा-ग्रेड सॉल्वैंट्स की पूरी सप्लाई चेन पर कड़ी नजर रखना है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके.

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विनिर्माण लाइसेंस और बैच डेटा अपलोड करना अनिवार्य

ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के ड्रग कंट्रोलरों को एक पत्र में निर्देश दिया है कि वे फार्मा-ग्रेड सॉल्वैंट्स के सभी निर्माताओं को ऑनलाइन नेशनल ड्रग्स लाइसेंसिंग सिस्टम पोर्टल के माध्यम से विनिर्माण लाइसेंस प्राप्त करने का निर्देश दें.


जिन निर्माताओं के पास पहले से लाइसेंस है, उन्हें भी ऑनलाइन नेशनल ड्रग्स लाइसेंसिंग सिस्टम पर पंजीकरण करना होगा और "Old Licence Management" के तहत डेटा जमा करना होगा.


इसके अलावा, सॉल्वेंट निर्माताओं को ऑनलाइन नेशनल ड्रग्स लाइसेंसिंग सिस्टम पोर्टल पर अपने हर निर्मित बैच (मात्रा और CoA सहित) और जिन विक्रेताओं को उन्होंने सॉल्वेंट बेचा है, उनका विवरण भी समय-समय पर अपलोड करना होगा. DCGI ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि इन निर्देशों का पालन किए बिना कोई भी बैच बाजार में उपलब्ध न हो.


निगरानी में शामिल 'हाई रिस्क' सॉल्वैंट्स

DCGI द्वारा जारी किए गए उच्च जोखिम वाले सॉल्वैंट्स की सूची में लगभग 10 प्रमुख पदार्थ शामिल हैं, जिनमें प्रोपीलीन ग्लाइकॉल, ग्लिसरीन, माल्टिटोल और माल्टिटोल सॉल्यूशन, सॉर्बिटोल और सॉर्बिटोल सॉल्यूशन, और पॉलीएथिलीन ग्लाइकॉल (MW 1000 से कम) प्रमुख हैं.


ज्ञात हो कि CDSCO ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह भी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि बैच को बाजार में जारी करने से पहले उसकी परीक्षण (Testing) ज़रूर की जाए. यह कदम दूषित दवाओं से जुड़े जोखिमों को कम करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है.


ऑनलाइन नेशनल ड्रग्स लाइसेंसिंग सिस्टम पोर्टल पर लाइसेंस प्राप्त करने की संक्षिप्त प्रक्रिया


ONDLS (Online National Drugs Licensing System) पोर्टल पर विनिर्माण लाइसेंस प्राप्त करने या मौजूदा लाइसेंस को पंजीकृत करने की प्रक्रिया को संक्षेप में दो मुख्य भागों में समझा जा सकता है:


1. नए लाइसेंस के लिए आवेदन (New Application)

स्व-पंजीकरण (Self-Registration): फर्म (कंपनी) और उनके तकनीकी कर्मचारियों/केमिस्ट को पोर्टल पर आवश्यक विवरण भरकर एक उपयोगकर्ता खाता (User ID) बनाना होता है.


आवेदन जमा करना (Application Submission):


उपयोगकर्ता लॉग-इन करके 'विनिर्माण लाइसेंस' श्रेणी के तहत नए आवेदन का चयन करता है.


फर्म का विवरण, तकनीकी कर्मचारियों की जानकारी, परिसर का विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी फॉर्म में भरी जाती है.


सभी आवश्यक दस्तावेज़ (जैसे- पैन/आधार, परिसर के कागजात, तकनीकी स्टाफ योग्यता प्रमाण पत्र आदि) अपलोड किए जाते हैं.


निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान किया जाता है.


जाँच और निरीक्षण (Scrutiny & Inspection):


आवेदन विभाग (ड्रग्स इंस्पेक्टर/समीक्षा अधिकारी) के पास जाता है.


दस्तावेज़ों की जाँच (Scrutiny) की जाती है. यदि कोई कमी पाई जाती है, तो आवेदक को ऑनलाइन ही जवाब देने के लिए प्रश्न (Query) भेजा जाता है.


दस्तावेज़ सही पाए जाने पर साइट/विनिर्माण इकाई का निरीक्षण (Inspection) किया जाता है.


लाइसेंस जारी करना (License Generation): निरीक्षण रिपोर्ट संतोषजनक पाए जाने और सभी अनुपालनों को पूरा करने के बाद, लाइसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा लाइसेंस को मंजूरी दी जाती है और वह ONDLS पोर्टल पर डिजिटल रूप से जेनरेट होकर अपलोड हो जाता है, जिसे आवेदक डाउनलोड कर सकता है.


2. पुराने लाइसेंस का प्रबंधन (Old Licence Management)

जिन सॉल्वेंट निर्माताओं के पास पहले से ही वैध लाइसेंस है, उन्हें डिजिटल निगरानी के लिए निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:


पोर्टल पर पंजीकरण: फर्म को ऑनलाइन नेशनल ड्रग्स लाइसेंसिंग सिस्टम पोर्टल पर स्व-पंजीकरण (Self-Registration) करना होता है.


'Old Licence Management' का उपयोग: लॉग-इन करने के बाद, उन्हें पोर्टल के "Old Licence Management" सेक्शन में जाना होगा.


डेटा जमा करना: इस सेक्शन में, उन्हें अपने मौजूदा/पुराने लाइसेंस और उत्पादों (Products) का पूरा विवरण, उत्पाद श्रेणी के अनुसार, अपलोड करना और जमा करना होता है.


अतिरिक्त अनिवार्य अनुपालन: चाहे नया लाइसेंस हो या पुराना, सभी सॉल्वेंट निर्माताओं को अब हर निर्मित बैच (मात्रा, CoA आदि सहित) और उसे खरीदार विक्रेताओं का विवरण ऑनलाइन नेशनल ड्रग्स लाइसेंसिंग सिस्टम पोर्टल पर अपलोड करना होगा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP