चुनाव आयोग पहुंचा 'कॉकरोच जनता पार्टी' के पंजीकरण का मामला
नई दिल्ली । डेस्क: हरियाणा के पानीपत के रहने वाले वकील और सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर जाखड़ ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) को एक आधिकारिक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के समक्ष आवेदन दायर किया है. यह आवेदन जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29 (ए) के तहत किया गया है, जिसमें सुधीर जाखड़ को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बताया गया है.
यह राजनीतिक आंदोलन सोशल मीडिया पर एक वायरल व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ था, जिसे मूल रूप से बोस्टन में रहने वाले अभिजीत दिपके ने तैयार किया था. चूंकि दिपके वर्तमान में भारत आने की स्थिति में नहीं हैं, इसलिए स्थानीय कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए वकील सुधीर जाखड़ ने इस जिम्मेदारी को संभाला है.
चुनाव आयोग में जमा किए गए आवेदन के अनुसार, यह प्रस्तावित आंदोलन सामुदायिक सेवा, संवैधानिक जागरूकता, सामाजिक जवाबदेही, पर्यावरण संरक्षण, पशु कल्याण और शासन में पारदर्शिता के लिए समर्पित एक जन-केंद्रित लोकतांत्रिक पहल है.
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की शुरुआत सोशल मीडिया पर तब हुई थी, जब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा की गई एक टिप्पणी को लेकर युवाओं में असंतोष देखा गया था.
देखते ही देखते इस आंदोलन ने इंस्टाग्राम पर करोड़ों फॉलोअर्स जुटा लिए. हालांकि, हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए सरकार द्वारा इस पार्टी के एक्स (ट्विटर) हैंडल को ब्लॉक कर दिया गया था, जिसके खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की गई है.
हालांकि पार्टी की शुरुआत कुछ बेहद कड़े राजनीतिक और कानूनी सुधारों की मांगों के साथ हुई थी, लेकिन चुनाव आयोग को सौंपे गए आधिकारिक आवेदन में मुख्य रूप से संविधान के अनुच्छेद 51ए के तहत मौलिक कर्तव्यों को बढ़ावा देने, सामाजिक ऑडिट, पर्यावरण और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है.
भारत में किसी भी राजनीतिक दल का पंजीकरण वैसे तो स्वैच्छिक होता है, लेकिन पंजीकृत होने के बाद दल को कानून के तहत कई लाभ मिलते हैं, जिसमें आधिकारिक रूप से चंदा या डोनेशन स्वीकार करना और चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया शामिल है.