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14,000 साल पुराना है इंसान और कुत्ते का साथ: डीएनए रिपोर्ट

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01 अप्रै. 2026, 03:00 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

कुत्ता
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नई दिल्ली । डेस्क: एक नए वैज्ञानिक शोध ने इंसान और कुत्ते के सदियों पुराने रिश्ते को लेकर बेहद चौंकाने वाले और दिलचस्प खुलासे किए हैं. हाल ही में 'नेचर' पत्रिका में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, आधुनिक मानव और कुत्तों का साथ उस दौर से है जब इंसान ने खेती करना भी नहीं सीखा था और वह पूरी तरह से शिकार पर निर्भर था. वैज्ञानिकों का दावा है कि करीब 14,000 साल पहले ही यूरोप में इंसानी टोलियों ने कुत्तों को अपना साथी बना लिया था. 


डीएनए परीक्षणों के माध्यम से शोधकर्ताओं ने पाया है कि पाषाण युग यानी स्टोन एज में ही इन दोनों प्रजातियों का सह-अस्तित्व शुरू हो चुका था.

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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के पेलियोबायोलॉजिस्ट ग्रेगर लार्सन और उनकी टीम ने ब्रिटेन से लेकर तुर्की तक के विस्तृत क्षेत्र में प्राचीन कुत्तों के अवशेषों की जांच की. शोध में पाया गया कि पश्चिमी एशिया और यूरोप के कम से कम पांच अलग-अलग स्थानों पर इन कुत्तों का अस्तित्व था. 


वैज्ञानिकों ने आठ प्राचीन जीवों के जींस का परीक्षण किया, जिनकी तुलना आधुनिक कुत्तों और भेड़ियों से की गई. जांच में पाया गया कि तुर्की के पिनारबासी से मिला एक नमूना करीब 15,800 साल पुराना है, जबकि ब्रिटेन की एक गुफा से मिले अवशेष लगभग 14,300 साल पुराने हैं. 


इससे पहले वैज्ञानिकों का मानना था कि कुत्तों का इतिहास केवल 5,000 साल पुराना है, लेकिन इस नए अध्ययन ने इतिहास की समयरेखा को पूरी तरह बदल दिया है.


दिलचस्प बात यह है कि उस दौर की मानव जनजातियां जैसे मैग्डलेनियन, अनातोलियन और एपिग्रेवेटियन, जो पूरी तरह शिकारी थीं, कुत्तों का आपस में आदान-प्रदान भी करती थीं. शोध के अनुसार, एपिग्रेवेटियन समूह ने ही संभवतः अन्य समूहों तक कुत्तों को पहुँचाने में मुख्य भूमिका निभाई. 


वैज्ञानिकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आज के कुत्तों और पाषाण युग के कुत्तों में आनुवंशिक रूप से बहुत अधिक अंतर नहीं है, जबकि उस समय के इंसान और आज के आधुनिक इंसान में जमीन-आसमान का फर्क आ चुका है.


हालांकि, यह अभी भी रहस्य बना हुआ है कि शिकारी भेड़ियों से कुत्तों का विकास सटीक रूप से कब और कैसे हुआ. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रक्रिया 30,000 साल पहले शुरू हुई होगी, लेकिन उसके पुख्ता सबूत अभी मिलने बाकी हैं. 


नेशनल ह्यूमन जीनोम रिसर्च की शोधकर्ता इलेन ओस्ट्रैंडर का कहना है कि यह अध्ययन इंसान और कुत्ते के अटूट बंधन को समझने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है. रिपोर्ट यह भी बताती है कि जब 9,000 साल पहले दक्षिण-पश्चिम एशिया से किसान पहली बार यूरोप पहुंचे, तब भी कुत्ते उनके वफादार साथी के रूप में उनके साथ थे.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP