दिलदार धर्मेन्द्र ने पैतृक संपत्ति रिश्तेदारों को बांट दी
मुंबई । डेस्क: बॉलीवुड के 'ही-मैन' धर्मेन्द्र देयोल की संपत्ति को लेकर हमेशा से अटकलें लगती रही हैं. उनकी ख्याति और दौलत जगजाहिर है, जिसमें फार्महाउस, जमीन, रिसॉर्ट्स और कई रेस्तरां शामिल हैं. हाल ही में यह खबर सामने आई कि धर्मेन्द्र ने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा दान कर दिया है!
इसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या उन्होंने अपने चार बेटियों और दो बेटों - सनी, बॉबी, अजेता, विजेयता, ईशा, और अहाना देयोल को करोड़ों की संपत्ति से वंचित कर दिया है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह खबर पूरी तरह सही नहीं है. बेटों और बेटियों को वंचित करने की बात गलत है. हालांकि, यह सच है कि धर्मेन्द्र ने अपनी पैतृक जमीन अपने चाचा के पोते-पोतियों को दान कर दी है.
इसके पीछे की वजह चौंकाने वाली है. अभिनेता चाहते थे कि उनके ये रिश्तेदार कभी भी पैसों की कमी का सामना न करें और एक शांतिपूर्ण जीवन जी सकें.
इस फैसले की जड़ें धर्मेन्द्र के अतीत में हैं. अपने करियर के चरम पर, जब उनके पास फिल्मों की कतार लगी थी और उनकी लोकप्रियता के साथ कमाई भी बढ़ रही थी, तब पंजाब के लुधियाना जिले के नसराली गाँव में उनकी पैतृक जमीन काफी बड़ी थी. शूटिंग की व्यस्तता के कारण वह इस जमीन की देखरेख नहीं कर पा रहे थे.
इसी वजह से, धर्मेन्द्र ने फैसला किया कि वह अपनी जमीन का हिस्सा अपने चाचा के पोते-पोतियों के नाम कर देंगे ताकि वे इसकी देखभाल कर सकें. बताया जाता है कि इस उदारता से दान पाने वाले उनके रिश्तेदार भी हैरान थे.
खबर है कि यह जमीन, जिसकी अनुमानित कीमत कम से कम पाँच करोड़ रुपये है, आज भी उनके ग्रामीण रिश्तेदारों द्वारा सहेज कर रखी गई है.
धर्मेन्द्र के भांजे बूटा सिंह, जो स्थानीय कपड़ा मिल में काम करते हैं, ने अभिनेता के निधन के बाद मीडिया को बताया कि उनके मामा ने जमीन को लेकर कोई विवाद शुरू होने से पहले ही यह कदम उठा लिया था.
धर्मेन्द्र अपनी जन्मभूमि और अपने गांव का बहुत सम्मान करते थे. जब भी वह शूटिंग के लिए पैतृक गांव आते थे, तो अपनी जन्मभूमि की मिट्टी को माथे से लगाकर प्रणाम करते थे. नसराली गांव आज भी धर्मेन्द्र की इस दरियादिली को भूला नहीं है.