महंगाई की मार: गैस और हवाई ईंधन महंगा, सरकार पर बरसे खड़गे
नई दिल्ली । डेस्क: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देश में महंगाई का बड़ा झटका लगा है. केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल, हवाई ईंधन (ATF) और जरूरी दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने इस आर्थिक बोझ को लेकर भाजपा नीत सरकार पर तीखा हमला बोला है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जब आम जनता राहत की उम्मीद कर रही है, तब सरकार "लूट और दमन" की नीति अपना रही है.
खड़गे ने विस्तार से बताया कि कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में 195.50 रुपये की भारी वृद्धि से सड़क किनारे के ढाबे और मिड-डे मील कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. अब दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर 2,078.50 रुपये हो गई है.
हालांकि, राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये पर स्थिर रखी गई है.
महंगाई का असर केवल रसोई तक सीमित नहीं है. विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे हवाई सफर महंगा होने की आशंका है.
इसके अलावा, 900 से अधिक आवश्यक दवाओं, कोरोनरी स्टेंट और टोल टैक्स में भी इजाफा हुआ है. खड़गे ने सरकार पर संसदीय चर्चा से भागने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पत्र लिखा था, लेकिन सरकार के पास इसके लिए समय नहीं है. वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने 1 अप्रैल को जनता के लिए "लूट का दिन" करार दिया.
दिलचस्प बात यह है कि विपक्ष के साथ-साथ भाजपा के भीतर से भी दवाओं की कीमतों को लेकर आवाज उठी है. उत्तर प्रदेश से भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेई ने फार्मास्युटिकल कंपनियों द्वारा किए जा रहे "शोषण" पर चिंता जताई. उन्होंने दावा किया कि नर्सिंग होम आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को महंगी ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं, जिससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है.
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि एक ही फॉर्मूले वाली दवाओं के लिए 'समान मूल्य' की व्यवस्था लागू की जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके. फिलहाल, वैश्विक तेल कीमतों में उछाल और युद्ध के हालातों ने भारतीय बाजार और आम आदमी की जेब पर गहरा दबाव बना दिया है.