भाजपा नेता ने अफीम की खेती के लिये जयपुर से जानकारों को बुलाया था
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के किनारे स्थित एक रसूखदार भाजपा नेता के फार्म हाउस पर चल रहे अफीम के अवैध साम्राज्य का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि भाजपा किसान मोर्चा के राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प के प्रदेश संयोजक विनायक ताम्रकार ने इस काले कारोबार को अंजाम देने के लिए राजस्थान के जयपुर से खेती के जानकारों को विशेष तौर पर दुर्ग बुलाया था.
आरोपी विकास विश्नोई और उसके भाई श्रवण विश्नोई को करीब चार साल पहले कपास की खेती करने के बहाने यहां लाया गया था, लेकिन असल में उनसे मक्का और गेहूं की फसलों के बीच छिपाकर अफीम की खेती कराई जा रही थी.
विकास ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे अफीम की खेती के विशेषज्ञ हैं और विनायक के सीधे निर्देशों पर पिछले चार वर्षों से इस प्रतिबंधित फसल की देखरेख कर रहे थे.
लगभग 110 एकड़ में फैले इस अभेद्य फार्म हाउस के भीतर करीब 10 एकड़ के हिस्से में अफीम उगाई जा रही थी, जिसे फेंसिंग और गोदामों के जरिए सुरक्षित रखा गया था.
इस पूरे अवैध नेटवर्क को मैनेज करने के लिए एक मुंशी, मनीष ठाकुर को भी तैनात किया गया था.
कलेक्टर अभिजीत सिंह के अनुसार, डिजिटल सर्वे के दौरान इस संदिग्ध खेती का पता चला, जिसके बाद की गई कार्रवाई में अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं.
पुलिस अब मास्टरमाइंड विनायक ताम्रकार के कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि जयपुर से जुड़े इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां फैले हैं.
फिलहाल तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि जयपुर भागे अन्य दो जानकारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक विशेष टीम राजस्थान रवाना की गई है.