'वोट चोरी' पर ECI ने नहीं दिए जवाब- भूपेश बघेल
रायपुर । संवाददाता: कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने बुधवार को कहा कि चुनाव आयोग ने लोकसभा 2024 चुनावों में "वोट चोरी" को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है. बघेल ने मीडिया से बातचीत में जोर देकर कहा कि इन सवालों के जवाब लोकतंत्र का सार हैं.
उन्होंने याद दिलाया कि सोमवार को जब विपक्षी सांसद चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे, तब दिल्ली पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया.
बघेल ने कहा, "लोकसभा के 250 से अधिक सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया. राहुल गांधी ने जो सवाल उठाए, उनके जवाब आज तक नहीं मिले, और इन जवाबों में लोकतंत्र का सार निहित है."
प्रदर्शन के उद्देश्य पर बोलते हुए, बघेल ने इसे चुनावी कदाचार रोकने से जोड़ा और बिहार में राहुल गांधी की राजनीतिक योजनाओं की घोषणा की.
उन्होंने कहा, "अगर हमें लोकतंत्र बचाना है, तो वोट चोरी रोकनी होगी, इसलिए सभी सांसदों ने 'वोट चोर गद्दी छोड़' का नारा उठाया, और यह नारा अब जनता तक पहुंच चुका है. इसके तहत, राहुल गांधी 17 अगस्त से बिहार में 15 दिन की पदयात्रा करेंगे, और 1 सितंबर को गांधी मैदान में एक विशाल रैली होगी, जिसमें इंडिया गठबंधन के सभी नेता मौजूद होंगे."
बघेल का इशारा सोमवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन की ओर था, जब कांग्रेस सांसदों ने बिहार में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) और 2024 लोकसभा चुनावों में "वोटर धोखाधड़ी" के आरोपों के खिलाफ संसद से चुनाव आयोग तक मार्च किया.
मंगलवार को, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने घोषणा की कि पार्टी 14 अगस्त को रात 8 बजे देश भर के सभी जिलों में 'वोट चोर, गद्दी छोड़' रैली आयोजित करेगी. यह घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में महासचिवों और प्रभारियों की बैठक के बाद की गई.
वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस 15 सितंबर से 16 अक्टूबर तक एक राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाएगी, जिसका लक्ष्य पांच करोड़ हस्ताक्षर एकत्र कर चुनाव आयोग को सौंपना है.
उन्होंने कहा, "14 अगस्त को हम पूरे भारत में जिला स्तर पर रात के मार्च करेंगे. 'वोट चोर, गद्दी छोड़' रैली रात 8 बजे होगी. फिर 21 अगस्त से 7 सितंबर तक राज्य स्तर पर 'वोट चोर, गद्दी छोड़' रैलियां होंगी. 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक एक विशाल हस्ताक्षर अभियान होगा, जिसके तहत हम 5 करोड़ हस्ताक्षर चुनाव आयोग को सौंपेंगे."