नेतन्याहू के मारे जाने की अफवाह फिर फैली
तो बिन्यामिन नेतन्याहू को पीछा करके मार गिराया जाएगा-ईरान
नई दिल्ली | डेस्क : ईरान और इसराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को लेकर कड़ा बयान दिया है. आईआरजीसी ने कहा है कि यदि नेतन्याहू जीवित हैं तो उनका पीछा कर उन्हें मार गिराया जाएगा. संगठन ने नेतन्याहू को बच्चों का हत्यारा भी बताया है.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी Islamic Republic News Agency (आईआरएनए) ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस बयान की जानकारी दी. वहीं दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि “नेतन्याहू जीवित हैं या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. मीनाब की एक लड़की के बाल का एक रेशा भी उनके पूरे अस्तित्व से अधिक कीमती है.”
नेतन्याहू की मौत की अफ़वाह कैसे फैली?
आईआरजीसी के बयान में “अगर नेतन्याहू जीवित हैं” जैसे शब्दों के इस्तेमाल ने नई अटकलों को जन्म दे दिया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर हाल के दिनों में नेतन्याहू की मौत या उनके गंभीर रूप से घायल होने को लेकर कई अफ़वाहें फैल रही हैं.
हालाँकि इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन सभी दावों को सिरे से ख़ारिज करते हुए इन्हें फ़ेक न्यूज़ बताया है.
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक़, अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के दौरान दक्षिणी ईरान के शहर मिनाब में लड़कियों के एक स्कूल पर हमला हुआ था. इस हमले में 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिनमें छात्राएँ और स्कूल स्टाफ भी शामिल थे.
इस घटना के बाद ईरान में व्यापक आक्रोश देखने को मिला. मारे गए लोगों के जनाज़े में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की गई.
आईआरजीसी का बयान
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि “ज़ायोनिस्ट प्रधानमंत्री का अंजाम अभी स्पष्ट नहीं है, संभव है कि वह मारे गए हों या अपने परिवार के साथ कब्ज़े वाले इलाक़ों से भाग गए हों. यह ज़ायोनिस्ट शासन की डगमगाती स्थिति को दर्शाता है.”
साथ ही संगठन ने चेतावनी दी कि यदि “बच्चों की हत्या करने वाला यह अपराधी जीवित है, तो उसका पूरी ताक़त से पीछा कर उसे खत्म कर दिया जाएगा.”
13 मार्च को नेतन्याहू के एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें वह ईरान के हमलों के बारे में जानकारी देते दिख रहे थे. सोशल मीडिया पर कुछ यूज़र्स ने इस वीडियो को एआई से तैयार बताया और दावा किया कि नेतन्याहू की मौत हो चुकी है.
हालाँकि तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी Anadolu Agency से बातचीत में इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन दावों को गलत बताया और कहा कि वीडियो असली है तथा नेतन्याहू पूरी तरह सुरक्षित हैं.
इस बीच अमेरिकी कंज़र्वेटिव राजनीतिक टिप्पणीकार Candace Owens ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि नेतन्याहू की सेहत से जुड़ी कुछ जानकारी छिपाई जा रही है और अधिकारियों पर चुप रहने का दबाव है. हालांकि उनके इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
अफवाहों के बीच नेतन्याहू के बेटे Yair Netanyahu का एक्स अकाउंट भी चर्चा में आ गया. कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने दावा किया कि 9 मार्च के बाद से उन्होंने कोई पोस्ट नहीं किया है, जिससे तरह-तरह की अटकलें लगने लगीं.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक्स के एआई चैटबॉट ‘ग्रोक’ ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि वायरल वीडियो में किसी तरह की एडिटिंग नहीं की गई थी. विशेषज्ञों के अनुसार वीडियो के एक फ्रेम में ‘मोशन ब्लर’ और कैमरे के एंगल की वजह से ऐसा दृश्य प्रभाव बना, जिससे कुछ लोगों को लगा कि नेतन्याहू के हाथ में छह उंगलियाँ हैं.