बेंगलुरु: लोन न चुकाने पर महिला का अपहरण, वेश्यावृत्ति का दबाव
बेंगुलुरु । डेस्क: बेंगलुरु में महज 1.5 लाख रुपये का लोन न चुका पाने पर एक 30 वर्षीय महिला और उसके मासूम बेटे का अपहरण कर लिया गया. आरोपियों ने महिला को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की, कपड़े उतारकर उसका अश्लील वीडियो बनाया और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित महिला को सुरक्षित बचा लिया है और मामले में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
₹1.5 लाख के कर्ज पर थोपा ₹11 लाख का बोझ
पीड़ित महिला ने करीब दो साल पहले अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए दो अलग-अलग लोगों से लोन लिया था. उसने रेशमा नामक महिला से मासिक ब्याज पर 1 लाख रुपये और नज़्रथ से साप्ताहिक किश्तों पर 50,000 रुपये उधार लिए थे. महिला 50,000 रुपये के लोन के एवज में हर हफ्ते 5,000 रुपये चुका रही थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण बीते चार हफ्तों से किश्तें रुक गईं. वहीं 1 लाख रुपये के लोन का ब्याज भी पिछले छह महीनों से जमा नहीं हो सका था. उत्पीड़न के डर से महिला ने फोन नंबर ब्लॉक कर अपना ठिकाना बदल लिया था. इसके बाद आरोपियों ने षड्यंत्र रचकर महिला को ₹11 लाख की मांग के साथ अपने जाल में फंसाया.
काम का झांसा देकर अपहरण और खौफनाक अत्याचार
आरोपी नज़्रथ ने महिला को काम और पैसों का लालच देकर अपने पास बुलाया. 27 अगस्त को जब महिला अपने नाबालिग बेटे के साथ वहां पहुंची, तो आरोपियों ने उसके साथ बदसलूकी और मारपीट शुरू कर दी. आरोपियों ने चाकू की नोक पर उसे डराया-धमकाया और उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया. इसके बाद पीड़ित महिला और उसके बच्चे को जबरन एक ऑटो-रिक्शा में बैठाकर बेंगलुरु के बाहरी इलाके कुंबलगोडु के एक मकान में ले जाया गया, जहां दोनों को बंधक बनाकर रखा गया.
अश्लील वीडियो से ब्लैकमेलिंग और वेश्यावृत्ति का दबाव
बंधक बनाने के दौरान आरोपियों की दरिंदगी और बढ़ गई. उन्होंने महिला को निर्वस्त्र करके मोबाइल फोन से उसकी वीडियो बना ली और धमकी दी कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो इस फुटेज को इंटरनेट पर फैला दिया जाएगा. पीड़ित महिला का आरोप है कि आरोपी सुहेल ने बकाये पैसे की वसूली के लिए उसे वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेलने की धमकी भी दी. इस बीच आरोपियों ने बच्चे को उसकी नानी के घर भेज दिया, लेकिन महिला को लगातार कैद में रखा गया. 30 अगस्त को आरोपी महिला को जबरन सिटी मार्केट के पास एक वकील के पास ले गए और दबाव बनाकर कई कागजातों पर दस्तखत करवाए.
मां की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई और 4 आरोपी गिरफ्तार
दूसरी ओर, अपनी बेटी का कोई अतापता न मिलने पर पीड़ित महिला की मां ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तकनीकी जांच के आधार पर महिला की लोकेशन ट्रेस कर उसे सकुशल मुक्त करा लिया. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों-नज़्रथ, रेशमा, सुहेल और सैफ को गिरफ्तार कर लिया है.
भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज
महिला की रिहाई के बाद चंद्र लेआउट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अपहरण, अवैध रूप से बंधक बनाने, मारपीट और आपराधिक धमकी जैसी गंभीर धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66(E) के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों का पता लगाया जा रहा है. AI Generated Photo.