बंगाल: छात्रा से रेप से के बाद जिंदा बोरे में बंद कर तालाब में फेंका
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरूईपुर कस्बे से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक स्थानीय तालाब से बरामद किए गए 12 वर्षीय स्कूली छात्रा के शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, मासूम के साथ न केवल सामूहिक दुष्कर्म और बर्बरता की गई, बल्कि जब वह जिंदा थी, तभी उसे एक बोरे में बंद कर तालाब में फेंक दिया गया.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका के शरीर पर प्रताड़ना के बेहद गंभीर निशान मिले हैं. उसके निजी अंगों पर जलने के घाव पाए गए हैं, जो उसकी बेबसी और आरोपियों की हैवानियत को बयां करते हैं. इसके अलावा, उसके सिर के पिछले हिस्से पर किसी भारी वस्तु से जोरदार प्रहार किया गया था, जिसके चलते अत्यधिक खून बह गया था.
सांसें चल रही थीं जब पानी में फेंका:
इस जघन्य हत्याकांड का सबसे दर्दनाक पहलू पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के उस हिस्से में सामने आया, जिसमें कहा गया है कि बच्ची के फेफड़ों में कीचड़ और मटमैला पानी भरा हुआ था. यह इस बात का सीधा सबूत है कि जब आरोपी उसे बोरे में बंद कर तालाब में फेंक रहे थे, तब उसकी सांसें चल रही थीं.
पानी में डूबने के कारण दम घुटने और अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का मुख्य कारण बताया गया है. डॉक्टरों का अनुमान है कि घटना शनिवार रात की है.
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने की फांसी की मांग:
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मंगलवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सकते हैं. उन्होंने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार इस मामले में सभी आरोपियों के लिए अदालत से मृत्युदंड की मांग करेगी.
पॉक्सो और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज:
इस खौफनाक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस ने मामले के तीन मुख्य संदिग्धों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया है.
इसके साथ ही आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की सख्त धारा 6 भी लगाई गई है. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें.