भारत में अगस्त-सितंबर में सामान्य से कम बारिश के आसार
नई दिल्ली । डेस्क: मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के दूसरे चरण यानी अगस्त और सितंबर के दौरान देश भर में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. इस अवधि में वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) के 94 प्रतिशत से कम रह सकती है. मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि देश के अधिकांश हिस्सों में कम बारिश के आसार हैं, हालांकि प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत और उत्तर-पूर्व के कुछ इलाकों में स्थिति बेहतर रह सकती है.
अकेले अगस्त महीने की बात करें तो देश भर में औसत वर्षा LPA (254.9 मिमी) के 94 फीसदी से कम रहने का अनुमान है. गौरतलब है कि जून और जुलाई के दौरान भारत में अब भी 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है,
हालांकि जुलाई में हुई अच्छी मानसूनी गतिविधियों के कारण इसमें कुछ सुधार देखा गया था. जुलाई के दौरान बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्रों और अनुकूल मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) के प्रभाव से देश में 283.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से अधिक थी.
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जुलाई में पिछले पांच वर्षों की तुलना में सबसे अधिक (269) भारी बारिश की घटनाएं दर्ज की गईं, जो मुख्य रूप से ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र में केंद्रित रहीं.
इसके विपरीत, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 1901 के बाद से 10वीं सबसे कम जुलाई बारिश दर्ज की गई, जिससे क्षेत्र के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखी गई. अगस्त और सितंबर में बारिश की संभावित सुस्ती से देश के कई कृषि क्षेत्रों में चिंता बढ़ सकती है.