पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 'सीधी जंग' का आगाज
इस्लामाबाद । डेस्क: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब एक पूर्ण सैन्य संघर्ष में तब्दील हो गया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि देश अब अफगान तालिबान सरकार के साथ "सीधी जंग" की स्थिति में है. डूरंड रेखा के पास हफ्तों से जारी छिटपुट झड़पों के बाद स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया.
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों, काबुल और कंधार में हवाई हमले किए हैं, जिससे वहां भारी विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं. पाकिस्तान की इस कार्रवाई के जवाब में तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने घोषणा की है कि अफगान सेना डूरंड रेखा के साथ पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ "बड़े पैमाने पर आक्रामक अभियान" चला रही है.
नुकसान के आंकड़ों को लेकर दोनों पक्षों के दावों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है.
पाकिस्तान के सैन्य मीडिया विंग (ISPR) के महानिदेशक अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार, पाकिस्तानी हमलों में अब तक 274 अफगान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से अधिक घायल हुए हैं.
दूसरी ओर, अफगानिस्तान का दावा है कि उनके पलटवार में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और उन्होंने पाकिस्तान की 19 सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है.
पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर अपने दो सुरक्षाकर्मियों की मौत की पुष्टि की है, जबकि अफगानिस्तान ने अपने आठ लड़ाकों के मारे जाने की बात कही है. हताहतों की इन विरोधाभासी संख्याओं की फिलहाल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों से मिल रही खबरें भीषण तबाही की ओर इशारा कर रही हैं.
इस सैन्य संकट पर वैश्विक समुदाय ने गहरी चिंता व्यक्त की है.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तत्काल 'युद्धविराम' की अपील करते हुए कहा है कि वे नागरिक आबादी पर हो रहे हिंसा के प्रभाव से बेहद चिंतित हैं. उन्होंने दोनों देशों से शत्रुता समाप्त कर कूटनीतिक रास्तों को अपनाने का आग्रह किया है.
वहीं, अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी ने पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे पाकिस्तान के इन कृत्यों से "शर्मिंदा" हैं और यदि जनता ने राष्ट्रीय विद्रोह किया, तो यह बहुत महंगा साबित होगा.
इराक और कतर जैसे देशों ने भी शांति की अपील की है, जबकि तुर्की ने चेतावनी दी है कि इस युद्ध से पैदा होने वाला शरणार्थी संकट ईरान और यूरोप के लिए नई मुसीबतें खड़ी कर सकता है. सुरक्षा के मद्देनजर पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने देशभर में ड्रोन उड़ाने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है.