शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक: अमित शाह बोले- पूरा बस्तर नक्सल मुक्त

C

CG Khabar

19 मई 2026, 01:39 PM 4 मिनट में पढ़ें 2

मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक
मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक

रायपुर । संवाददाता: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की. इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. यह बैठक अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की मेज़बानी में आयोजित की गई. अमित शाह ने घोषणा की कि पूरा बस्तर क्षेत्र अब नक्सल मुक्त हो चुका है. उन्होंने इसका श्रेय सुरक्षाबलों के जवानों की बहादुरी, सटीक खुफिया इनपुट और केन्द्र व राज्य सरकारों के 'Whole of the Government Approach' को दिया.


नक्सलवाद पर जीत और विकास की नई लड़ाई


अमित शाह ने कहा कि भले ही सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है, लेकिन लड़ाई अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है. नक्सल प्रभावित क्षेत्र पिछले पांच दशकों से विकास की दौड़ में पिछड़ गए हैं. जब तक इन क्षेत्रों को देश के बाकी हिस्सों के बराबर नहीं लाया जाता, तब तक यह प्रयास जारी रहेगा. उन्होंने पूरे देश को नक्सल मुक्त करने के संकल्प के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन किया. शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बेहतर तालमेल के कारण ही बस्तर को यह ऐतिहासिक सफलता मिली है.

विज्ञापन


मजबूत संघीय ढांचा और विवादों का अंत


बैठक में यह बात रेखांकित की गई कि मोदी सरकार के कार्यकाल में राज्यों के आपसी विवाद और केन्द्र के साथ मतभेद पूरी तरह समाप्त हो गए हैं. परिषद के चारों राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच अब कोई बड़ा विवाद शेष नहीं है. 2004 से 2014 के बीच क्षेत्रीय परिषद की केवल 11 बैठकें हुई थीं, जो 2014 से 2026 के बीच बढ़कर 32 हो गईं. पहले केवल 569 मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जबकि पिछले 12 वर्षों में 1729 मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से 80% का सफल समाधान निकाला जा चुका है.


मध्य क्षेत्र का आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व


अमित शाह ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में शामिल राज्य देश के अनाज भंडार को भरने, समृद्ध खनिज संपदा से आर्थिक गति देने और देश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने में अग्रणी हैं. इस क्षेत्र में देश के आस्था के प्रमुख केंद्र मौजूद हैं. छत्तीसगढ़ सात राज्यों की सीमाओं को जोड़ता है, जिससे इस पूरे मध्य क्षेत्र का महत्व रणनीतिक रूप से बहुत बढ़ जाता है. आज यह पूरा इलाका नक्सलवाद के साथ-साथ आपसी विवादों से भी मुक्त हो गया है.


सामाजिक कल्याण और ग्रामीण विकास पर जोर


गृह मंत्री ने मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों से जल जीवन मिशन-2 पर ध्यान केंद्रित करने और हर घर तक नल से जल पहुंचाने का आह्वान किया. उन्होंने कुपोषण के खिलाफ लड़ाई, स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को कम करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष बल दिया. उन्होंने कहा कि राज्यों का 50% ध्यान ग्रामीण विकास और व्यक्तिगत सशक्तिकरण की योजनाओं पर होना चाहिए. हर 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि सभी सरकारी योजनाएं अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) पर आधारित हैं.


न्यायिक सुधार, पोक्सो एक्ट और नई न्याय संहिता


गंभीर अपराधों पर बात करते हुए शाह ने कहा कि पोक्सो (POCSO) और बलात्कार के मामलों में यदि समय पर डीएनए (DNA) जांच हो जाए, तो सजा की दर शत-प्रतिशत हो सकती है. अदालतों में 5 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों के निपटारे के लिए उन्होंने उच्च न्यायालयों से विशेष अदालतें गठित करने का आग्रह किया. सायबर अपराधों से निपटने के लिए उन्होंने राज्यों को 1930 हेल्पलाइन और कॉल सेंटरों को अपडेट करने की सलाह दी. मिलावटखोरी पर लगाम लगाने के लिए दोषियों के नाम सार्वजनिक करने की व्यवस्था बनाने को कहा गया. अंत में उन्होंने कहा कि तीनों नई आपराधिक न्याय संहिताओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा रहा है और हमारा लक्ष्य 2029 से पहले हर आपराधिक मुकदमे को 3 साल के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक अंजाम तक पहुंचाना है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP