बांग्लादेश HC: 'पुशबैक' सोनाली खातून को भारत लौटाने का आदेश
ढाका । डेस्क: बांग्लादेश हाईकोर्ट ने बीरभूम जिले की 8 महीने की गर्भवती महिला सोनाली खातून को भारत वापस लाने के लिए भारतीय उच्चायोग को तत्काल निर्देश जारी किया है. हालांकि विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
सोनाली और उनके परिवार को जून महीने में बांग्लादेश में 'पुशबैक' करने का आरोप लगा है, और इस संबंधित मामला भारत के साथ-साथ बांग्लादेश में भी चल रहा है.
सोनाली खातून, जो पाईकार थाना क्षेत्र की निवासी हैं, दिल्ली में काम कर रही थीं. आरोप है कि बीएसएफ ने उन्हें और उनकी बहन स्वीटी बीबी समेत छह लोगों को असम सीमा के रास्ते बांग्लादेश में धकेल दिया था.
वर्तमान में वे चंपाइनवाबगंज जिले के जेल में बंद हैं. बांग्लादेश के चंपाइनवाबगंज जिला पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर को 'अनधिकृत प्रवेशकर्ता' के रूप में गिरफ्तार सोनाली, स्वीटी और अन्य चार लोगों की जमानत की अंतिम सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में हुई थी. उसके बाद पूजा की छुट्टियां पड़ गईं, और निचली अदालत में अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को निर्धारित है. अभी तक इन छह लोगों को जमानत नहीं मिली है.
सोनाली के परिवार ने भारत लौटने के लिए कोलकाता हाईकोर्ट में मामला दायर किया था. 26 सितंबर को कोलकाता हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि इन छह लोगों को चार सप्ताह के अंदर भारत वापस लाया जाए. साथ ही, दिल्ली पुलिस द्वारा बांग्लादेशी संदेह में इन्हें हिरासत में लेने और निर्वासित करने का फैसला रद्द कर दिया गया.
बांग्लादेश में जमानत प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन दस्तावेजों में कुछ जटिलताएं हैं. केंद्र सरकार की ओर से कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश का पालन हो रहा है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है. अगर जमानत मिल भी जाए, तो वे बांग्लादेश में 'अनधिकृत प्रवेशकर्ता' के रूप में चिह्नित होने के कारण कहां रहेंगे, इस पर संशय था.
इसी बीच, ढाका हाईकोर्ट का यह निर्देश सोनाली और उनके परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिक विकास परिषद के चेयरमैन और राज्यसभा सांसद सैमिरुल इस्लाम के प्रतिनिधि मफिजुल शेख अभी भी बांग्लादेश में सोनाली की मदद के लिए मौजूद हैं. सैमिरुल इस्लाम ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इस आदेश की जानकारी साझा की है.