'विदेश से भाड़े पर लाये लोग देश नहीं चला सकते'
नई दिल्ली । डेस्क: बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने एक बार फिर निशाना साधा है. बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बिना नाम लिये अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार यूनुस पर तंज कसते हुए कहा कि 'विदेश से कुछ लोगों को भाड़े पर लाकर देश नहीं चलाया जा सकता.' यह बयान शनिवार को पिछले साल जुलाई के आंदोलन से संबंधित एक चर्चा सभा में दिया गया.
पिछले साल जुलाई में बांग्लादेश में छात्र-जनता के आंदोलन के बाद 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार का पतन हो गया था.
इसके बाद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ. यूनुस उस समय फ्रांस की राजधानी पेरिस में थे और हसीना सरकार के पतन के बाद ढाका लौटकर उन्होंने अंतरिम सरकार की कमान संभाली. बीएनपी ने हालांकि किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि फखरुल का इशारा यूनुस की ओर था.
बांग्लादेश में जल्द से जल्द आम चुनाव कराने की मांग को लेकर बीएनपी लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रही है. खालिदा जिया की पार्टी का कहना है कि अंतरिम सरकार को जरूरी सुधारों के बाद जल्द से जल्द चुनाव कराना चाहिये ताकि देश में लोकतंत्र की स्थापना हो सके.
शनिवार को आयोजित सभा में फखरुल ने कहा, "कुछ लोगों को विदेश से लाकर देश चलाने की कोशिश बेकार है. यह साधारण-सी बात हमें समझनी होगी." बांग्लादेशी समाचार पत्र 'प्रथम आलो' के अनुसार, यह टिप्पणी उन्होंने देश में सुधारों और नौकरशाही के संदर्भ में की थी.
पिछले साल अगस्त में जबरदस्त जनआंदोलन के दबाव में शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था और वह भारत चली आई थीं.
इसके बाद 8 अगस्त को यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ. इस सरकार का मुख्य उद्देश्य देश में जरूरी सुधारों के बाद आम चुनाव कराना और लोकतंत्र को मजबूत करना था.
हालांकि, चुनाव में देरी को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने नाराजगी जताई है. बीएनपी ने पिछले कुछ महीनों में कई बार इस मुद्दे पर अंतरिम सरकार पर दबाव बढ़ाया है.
फखरुल के इस बयान से बांग्लादेश की सियासत में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. बीएनपी की ओर से बार-बार उठ रही चुनाव की मांग और अंतरिम सरकार पर कये जा रहे हमले यह संकेत दे रहे हैं कि देश में राजनीतिक अस्थिरता अभी भी बरकरार है.