बलरामपुर: CRPF जवान ने पेड़ से लटककर की खुदकुशी
बलरामपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में राजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुंदीकला के रहने वाले एक सीआरपीएफ जवान ने गृहकलह से तंग आकर आत्मघाती कदम उठा लिया. जम्मू-कश्मीर में तैनात 35 वर्षीय जवान राजाराम प्रजापति ने बुधवार को अपने घर के बाहर आम के पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. आनन-फानन में परिजन उन्हें फंदे से उतारकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
यह पहला मौका नहीं था जब जवान ने ऐसा खौफनाक कदम उठाने का प्रयास किया हो. मृतक के भाई शिवकुमार प्रजापति के अनुसार, करीब छह महीने पहले दिसंबर 2025 में भी राजाराम ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की थी. उस वक्त लगभग डेढ़ महीने तक चले इलाज के बाद उनकी जान बच सकी थी.
ठीक होने के बाद वे वापस अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे, लेकिन छुट्टी पर घर आने के बाद एक बार फिर पारिवारिक विवाद गहरा गया.
घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार को राजाराम का अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था. गुस्से में आकर वे घर से रस्सी लेकर निकले और पास के एक पेड़ पर चढ़ गए. उन्हें रोकने के लिए उनकी मां पीछे-पीछे दौड़ीं और शोर मचाया, जिसके बाद भाई शिवकुमार और अन्य ग्रामीणों ने मिलकर उन्हें नीचे उतारा.
उस समय जवान की सांसें चल रही थीं, लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उन्होंने दम तोड़ दिया. वर्ष 2021 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए राजाराम अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा परिवार पर खर्च कर चुके थे, फिर भी घरेलू कलह थमने का नाम नहीं ले रही थी.
पिछली बार जब जवान ने खुदकुशी की कोशिश की थी, तब उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई थी. उस वीडियो में जवान ने अपनी पत्नी रूपा प्रजापति, ससुराल पक्ष और एक रिश्तेदार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे.
राजाराम का कहना था कि उनसे लगातार मोटी रकम, सोने और अन्य आर्थिक चीजों की मांग की जाती है. साथ ही उन्हें अपने सगे भाई, मां और परिवार से दूर रहने के लिए मजबूर किया जाता था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि ससुराल पक्ष के लोग राजपुर थाने में अपना प्रभाव होने का धौंस दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकियां देते थे.
मृतक जवान ने अपने बयान में बताया था कि पत्नी के कहने पर उन्होंने जमीन भी खरीदी और साथ रहने के लिए फैमिली क्वार्टर का भी इंतजाम किया, लेकिन वह कहीं भी साथ रहने को तैयार नहीं हुई. इस लगातार मिल रहे मानसिक तनाव और प्रताड़ना के कारण वे गहरे अवसाद में चले गए थे और इसी वजह से उन्हें शराब की लत भी लग गई थी.
परिजनों का आरोप है कि इस प्रताड़ना के संबंध में पहले भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते आज जवान को अपनी जान गंवानी पड़ी. फिलहाल पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से तफ्तीश कर रही है.