भारतीय जहाज पर हमला: अमेरिका और ईरान में आरोप-प्रत्यारोप
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरू मध्य से गुजरने वाले भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर ड्रोन हमले करने का गंभीर आरोप लगाया है. डोनाल्ड ट्रंप ने इस कथित कार्रवाई को "पूरी तरह से अस्वीकार्य" बताया है, जबकि ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें "निराधार" करार दिया है.
गौरतलब है कि इसी सप्ताह ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों पर हमले हुए थे. इनमें से एक हमले में बुधवार (10 जून, 2026) को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी.
डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (12 जून, 2026) को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया, "होर्मुज जलडमरू मध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर बीती रात किया गया ईरान का ड्रोन हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है."
राष्ट्रपति ट्रंप ने इसी पोस्ट में ईरान पर शांति समझौते की शर्तों को मीडिया में लीक करने का भी आरोप लगाया, जिनका चर्चा के मुख्य बिंदुओं से कोई लेना-देना नहीं था.
दूसरी ओर, ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के इन दावों का कड़ा विरोध किया है. भारत में ईरानी दूतावास ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा, "होर्मुज जलडमरू मध्य में भारतीय जहाज को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान पर लगाया गया आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है."
ईरानी दूतावास ने उल्टा अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा, "यह जनता का ध्यान इस क्रूर सच्चाई से भटकाने का प्रयास है कि अमेरिका ने एक सप्ताह से भी कम समय में 3 भारतीय जहाजों पर हमला किया और 3 बेगुनाह भारतीय नाविकों की जान ले ली. यह बेहद निराशाजनक है."
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के उप-मिशन प्रमुख (Deputy Chief of Mission) को तलब किया. भारत ने ओमान तट के पास भारतीय नागरिकों को ले जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है. भारत ने इन वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों को "गंभीर रूप से चिंताजनक" बताया है और इस मामले को अमेरिकी प्रशासन के समक्ष बेहद मजबूती से उठाया है.